गर्मी का चरम और बिजली की रिकॉर्ड मांग
सोमवार को दोपहर 3 बजकर 42 मिनट पर, भारत की बिजली की मांग ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए और यह 257.37 गीगावाट (GW) पर पहुंच गई। इस जबरदस्त उछाल की मुख्य वजह देश के बड़े हिस्सों में पड़ रही जानलेवा गर्मी है, जिसके चलते घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर (AC) और कूलर का इस्तेमाल बहुत बढ़ गया है। अच्छी बात यह है कि देश के पावर ग्रिड ने इस बढ़ी हुई मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया और कहीं भी सप्लाई बाधित नहीं हुई।
गर्मी की आहट और भविष्य की चिंताएं
पावर मिनिस्ट्री का अनुमान है कि आने वाले महीनों में, यानी गर्मी के बाकी बचे समय में, यह मांग 270 GW तक भी जा सकती है। यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब मौसम विभाग (IMD) ने साफ कर दिया है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में 24 मई तक लू का प्रकोप जारी रहेगा। कुछ जगहों पर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है, वहीं दिल्ली में भी पारा 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है।
मांग में लगातार बढ़ोतरी
अप्रैल से ही बिजली की मांग में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो मई में और तेज हो गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ते तापमान के कारण लोग कूलिंग अप्लायंसेज का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं, जिससे डोमेस्टिक और कमर्शियल दोनों ही सेक्टरों में बिजली की खपत बढ़ी है। पिछले साल गर्मी में पीक डिमांड 242.77 GW थी, जिसे इस साल कई बार पार किया जा चुका है, जिसमें मई 2024 में 250 GW का रिकॉर्ड और अब सोमवार को 257.37 GW का नया कीर्तिमान शामिल है।