Deendayal Port Authority और Assam Petro-Chemicals मिलकर कांडला में देश का पहला ई-मेथनॉल प्लांट स्थापित करने जा रहे हैं। **₹2,300 करोड़** के इस निवेश के साथ साल **2027** तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जो अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए ग्रीन फ्यूल की सप्लाई करेगा।
प्रोजेक्ट का रोडमैप और निवेश
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में ₹1,200 करोड़ का निवेश होगा, जिससे जनवरी 2027 तक 50 टन प्रति दिन उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है। इसके बाद, दूसरे चरण में ₹1,100 करोड़ का अतिरिक्त निवेश कर उत्पादन क्षमता को 100 टन प्रतिदिन तक बढ़ाया जाएगा, जिसे मार्च 2027 तक पूरा करने की योजना है। इस वेंचर में Deendayal Port Authority की 76% हिस्सेदारी होगी, जो जमीन और ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं मुहैया कराएगी।
ग्लोबल मार्केट में भारत की रणनीति
यह प्रोजेक्ट मुख्य रूप से एशिया-यूरोप शिपिंग कॉरिडोर के जहाजों को टारगेट कर रहा है। कंपनी का दावा है कि ई-मेथनॉल की उत्पादन लागत लगभग $750 प्रति टन आएगी, जो मौजूदा ग्लोबल मार्केट रेट ($1,300 प्रति टन) से काफी कम है। लागत में यह बड़ी बचत ग्लोबल शिपिंग कंपनियों के लिए इसे एक आकर्षक विकल्प बनाती है। साथ ही, इससे क्षेत्रीय स्तर पर 3,500 से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
हालांकि यह प्रोजेक्ट भारत के नेट-जीरो लक्ष्यों के साथ पूरी तरह मेल खाता है, लेकिन निवेशकों को इसके निष्पादन (Execution) पर नजर रखनी होगी। प्रोजेक्ट का भविष्य वैश्विक स्तर पर ई-मेथनॉल की मांग और प्रोडक्शन कॉस्ट को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने पर टिका है। भविष्य में ग्लोबल शिपिंग लाइन्स के साथ होने वाले सप्लाई एग्रीमेंट्स और निर्माण कार्य की गति इस सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण संकेतकों का काम करेंगे।
