ईंधन की कीमतों में उबाल: क्या है वजह?
वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत पर ऊर्जा आयात की लागत का बोझ बढ़ गया है। इसी के चलते, घरेलू ऊर्जा वितरकों ने दाम बढ़ाने का फैसला किया है।
MGL ने बढ़ाई CNG की दरें
Mahanagar Gas Limited (MGL) ने मुंबई में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमत में ₹2 प्रति किलोग्राम का इजाफा किया है, जिससे नई खुदरा कीमत ₹84/kg हो गई है। यह बढ़ोतरी 14 मई 2026 से लागू है।
Petrol-Diesel भी हुए महंगे
इसके तुरंत बाद, प्रमुख ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने 15 मई 2026 से देशभर में पेट्रोल और डीजल के दाम ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दिए। दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹90.67 प्रति लीटर हो गई है। कंपनियों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतें $107 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जो पिछले महीनों में $138 प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। सप्लाई चेन में आई रुकावटें और भू-राजनीतिक अनिश्चितता इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण बताई जा रही है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना और सेक्टर पर दबाव
हालांकि, इस माहौल में MGL के मुकाबले अन्य कंपनियां थोड़ी अलग स्थिति में हैं। MGL, जिसकी मार्केट कैप करीब ₹10.57 ट्रिलियन है और P/E रेशियो 12.5 के आसपास है, ने दाम बढ़ाए हैं। वहीं, Indraprastha Gas Limited (IGL) ने दिल्ली में CNG की कीमत ₹77.09/kg पर स्थिर रखी है, जिसका P/E रेशियो लगभग 15.52 है। Gujarat Gas का P/E रेशियो 21.8 के आसपास है और मार्केट कैप लगभग ₹24.95 ट्रिलियन है।
दूसरी ओर, सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) जैसे Indian Oil Corporation (IOCL), Bharat Petroleum Corporation (BPCL), और Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) के P/E रेशियो 4.45 से 8.54 के बीच हैं। यह कम वैल्यूएशन शायद बाजार की बढ़ती लागत और रेगुलेटरी दबाव को लेकर उनकी चिंताओं को दर्शाता है। इस सेक्टर की प्रॉफिटेबिलिटी ग्लोबल सप्लाई पर बहुत ज्यादा निर्भर करती है।
भविष्य की चिंताएं और मार्जिन दबाव
भले ही कीमतें बढ़ाई गई हैं, ऊर्जा वितरक और विपणन कंपनियां मार्जिन को लेकर चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रही हैं। MGL के EBITDA प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (scm) Q4FY26 में गिरा था, और Q1FY27 में भी गैस खरीद की ऊंची लागत के कारण मार्जिन पर दबाव बने रहने की उम्मीद है। रुपये में आई गिरावट ने इंपोर्टेड एनर्जी की लागत को और बढ़ा दिया है।
आम ग्राहकों के लिए, बढ़ी हुई ईंधन कीमतें सीधे तौर पर उनके बजट और बिजनेस की ऑपरेटिंग लागत पर असर डालती हैं, जिससे CNG और अन्य ईंधनों की मांग कम हो सकती है। लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अस्थिरता सप्लाई और कीमतों की भविष्यवाणी को अनिश्चित बना रही है।
Axis Securities ने MGL को ₹1,325 के टारगेट के साथ 'BUY' रेटिंग दी है, लेकिन इनपुट लागत की अस्थिरता और मांग में संभावित कमी का जोखिम बना हुआ है।