AI Power Demand: डेटा सेंटर्स की भारी डिमांड से बिजली संकट का खतरा, Jitin Prasada ने दी चेतावनी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
AI Power Demand: डेटा सेंटर्स की भारी डिमांड से बिजली संकट का खतरा, Jitin Prasada ने दी चेतावनी

केंद्रीय मंत्री Jitin Prasada ने चिंता जताई है कि भारत की ग्रीन एनर्जी क्षमता, AI और डेटा सेंटर्स की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में पीछे छूट रही है। सरकार अब एक नई 'डेटा सेंटर पॉलिसी' पर काम कर रही है ताकि आम जनता पर बिजली बिल का बोझ न बढ़े।

भारत का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स का हब बनने का सपना एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है: वह है स्थिर और ग्रीन इलेक्ट्रिसिटी की उपलब्धता। 14 अक्टूबर, 2026 को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री Jitin Prasada ने चेतावनी दी कि देश में रिन्यूएबल एनर्जी की रफ्तार, AI सेक्टर की बिजली जरूरतों के मुकाबले काफी धीमी है।

पावर ग्रिड पर दबाव

Central Electricity Authority को संबोधित करते हुए, मंत्री ने डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती कम्प्यूट डिमांड और ग्रीन एनर्जी उत्पादन के बीच के अंतर को उजागर किया। डेटा सेंटर्स केवल टेक्नोलॉजी हब नहीं हैं, बल्कि ये 24/7 बिजली के बड़े उपभोक्ता भी हैं। ग्रिड में इनकी हिस्सेदारी को लेकर अब सरकार गंभीर योजना बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

नई पॉलिसी का रोडमैप

सरकार इस समस्या को हल करने के लिए एक नई 'डेटा सेंटर पॉलिसी' पर काम कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य इंडस्ट्रियल बिजली की खपत को रेजिडेंशियल ग्रिड से अलग करना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स की भारी ऊर्जा मांग के कारण आम नागरिकों को बिजली के लिए ज्यादा दाम न चुकाने पड़ें।

निवेशकों के लिए संकेत

ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम कर रही कंपनियों के लिए यह एक जटिल स्थिति है। अब ग्रीन पावर को बढ़ाना केवल सस्टेनेबिलिटी का लक्ष्य नहीं, बल्कि डिजिटल इकोनॉमी की बुनियादी जरूरत बन गया है। जो कंपनियां कैप्टिव ग्रीन पावर या कुशल ऊर्जा समाधान प्रदान करने में सक्षम होंगी, वे इस बदलाव के केंद्र में रहेंगी। साथ ही, सरकार सेमीकंडक्टर और हार्डवेयर इकोसिस्टम में आत्मनिर्भरता पर भी जोर दे रही है ताकि ग्लोबल सप्लाई चेन के झटकों से बचा जा सके। आने वाली डेटा सेंटर पॉलिसी में ऊर्जा खरीद और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े नियमों पर निवेशकों की नजरें टिकी होंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.