पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारतीय जहाजों की सुरक्षा पक्की! PM मोदी का ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा भरोसा

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AuthorMehul Desai|Published at:
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारतीय जहाजों की सुरक्षा पक्की! PM मोदी का ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा भरोसा
Overview

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के बीच, शिपिंग मंत्रालय (Ministry of Shipping) ने यह पुष्टि करते हुए बड़ी राहत दी है कि खाड़ी क्षेत्र (Gulf region) में मौजूद सभी भारतीय जहाज और नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब इस क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति मार्ग (energy supply routes) पर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों का सुरक्षित सफ़र

शिपिंग मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि दो भारतीय-ध्वजांकित एलपीजी (LPG) कैरियर, 'पाइन गैस' (Pine Gas) और 'जग वसंत' (Jag Vasant), होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सफलतापूर्वक गुजर गए हैं। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। 'पाइन गैस', जिसमें लगभग 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी (LPG) लदी है, के 27 मार्च तक न्यू मैंगलोर बंदरगाह (New Mangalore Port) पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, 'जग वसंत', जो लगभग 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी ले जा रहा है, 26 मार्च तक कांडला (Kandla) पहुंचने वाला है।

मंत्रालय की यह पुष्टि इस आश्वासन के साथ आती है कि फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में 20 जहाजों पर सवार लगभग 540 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री घटना की कोई रिपोर्ट नहीं आई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक व्यापार की अहम कड़ी

ईरान और ओमान के बीच स्थित यह संकरा जलमार्ग वैश्विक व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया के कच्चे तेल (crude oil) और गैस शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा यहीं से होकर गुजरता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने इन महत्वपूर्ण आपूर्ति लाइनों में संभावित बाधाओं को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है। इन सफल पारगमन (transits) से पता चलता है कि भारतीय जहाज इन चुनौतीपूर्ण मार्गों पर नेविगेट करने में सक्षम हैं।

भारत की मजबूत ऊर्जा भंडार और आपूर्ति श्रृंखला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की मजबूत ऊर्जा सुरक्षा (energy security) उपायों का विवरण देते हुए राष्ट्रीय विश्वास बढ़ाया। उन्होंने बताया कि रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (strategic petroleum reserves) में काफी वृद्धि हुई है, जो अब 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गया है, और इसे 65 लाख मीट्रिक टन तक विस्तारित करने की योजना है। पिछले एक दशक में रिफाइनिंग क्षमता (refining capacity) में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में है। प्रधानमंत्री ने संसद को आश्वासन दिया कि कच्चे तेल (crude oil) का पर्याप्त भंडारण और विश्वसनीय आपूर्ति व्यवस्था (supply arrangements) मौजूद है, जिससे वैश्विक व्यापार मार्गों में अनिश्चितता के बावजूद निरंतरता सुनिश्चित होती है। विभिन्न स्रोतों से तेल और गैस सुरक्षित करने के प्रयास जारी हैं, और हाल के शिपमेंट में चल रही सफलता पर प्रकाश डाला गया है।

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