पिछली तिमाही के दमदार नतीजे
अगर पिछली तिमाही (Q3 FY26) के प्रदर्शन पर नजर डालें तो, इंडियन ऑयल (IOC) ने जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की थी। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही के मुकाबले लगभग 60% तक बढ़ गया था। रेवेन्यू (Revenue) ₹1.79 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.04 लाख करोड़ पर पहुंच गया, जो 14.3% की मजबूत बढ़त है। वहीं, EBITDA में 43% का उछाल आया और यह ₹20,824 करोड़ रहा। इसके साथ ही, EBITDA मार्जिन 8.2% से सुधरकर 10.2% पर पहुंच गया। यह शानदार परफॉरमेंस आने वाले Q4 नतीजों के लिए एक पॉजिटिव उम्मीद जगाती है।
शेयर में भारी गिरावट का दौर
इन मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद, हाल के दिनों में इंडियन ऑयल के शेयर की चाल काफी निराशाजनक रही है। पिछले 5 ट्रेडिंग सेशन में शेयर 4.83% तक गिर चुका है। वहीं, पिछले 6 महीनों में यह 22% से ज्यादा लुढ़क गया है। साल 2026 की शुरुआत से (Year-to-date) अब तक शेयर की कीमत में 18.68% की गिरावट आई है। 2 अप्रैल 2026 को तो स्टॉक अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹130.22 तक पहुंच गया था। यह गिरावट बड़े एनर्जी प्लेयर के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
आगे की राह: अहम कॉन्फ्रेंस कॉल
कंपनी के वित्तीय नतीजों और भविष्य की योजनाओं पर अधिक स्पष्टता पाने के लिए, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन 19 मई 2026 को दोपहर 3 बजे (IST) एक कॉन्फ्रेंस कॉल का आयोजन करेगा। इस सेशन में एनालिस्ट्स और निवेशक मैनेजमेंट के साथ कंपनी की रणनीति और परफॉरमेंस पर विस्तार से चर्चा कर सकेंगे।