मुनाफे का रिकॉर्ड टूटा, वजह बनी दमदार ऑपरेशन!
कंपनी ने इस तिमाही में ₹12,126 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) कमाया है, जो पिछली तिमाही के ₹7,610.5 करोड़ की तुलना में एक बड़ी छलांग है। इस शानदार परफॉरमेंस के पीछे कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और मार्केट की अनुकूल परिस्थितियां रहीं।
EBITDA में 42.8% का बड़ा उछाल
कंपनी के EBITDA (Earnings Before Interest, Tax, Depreciation, and Amortisation) में भी जोरदार तेजी देखी गई। यह पिछले तिमाही के ₹14,584.8 करोड़ से बढ़कर ₹20,824.8 करोड़ पर पहुंच गया, जो 42.8% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन भी 8.2% से बढ़कर 10.2% हो गया, जो 200 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा है। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) भी पिछले तिमाही के ₹1.78 लाख करोड़ से बढ़कर ₹2.04 लाख करोड़ हो गया, जो मजबूत मांग और बिक्री का संकेत देता है।
रिफाइनिंग मार्जिन्स में ज़बरदस्त सुधार
इस बेहतरीन नतीजों की एक और बड़ी वजह कंपनी के रिफाइनिंग ऑपरेशन्स रहे। अप्रैल-दिसंबर के दौरान एवरेज ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन्स (GRMs) $8.41 प्रति बैरल रहे, जो पिछले साल की समान अवधि के $3.69 प्रति बैरल से काफी बेहतर है। इन्वेंटरी एडजस्टमेंट के बाद कोर GRMs $9.86 प्रति बैरल के स्तर पर रहे, जो IOC की ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों का फायदा उठाने की क्षमता को दिखाता है।
शेयर में 40% की तेजी, आगे क्या?
इन शानदार नतीजों के बाद, इंडियन ऑयल (IOC) के शेयर गुरुवार को बाजार बंद होने तक 2% चढ़कर ₹176.25 पर कारोबार कर रहे थे। यह प्रदर्शन स्टॉक के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने पिछले 12 महीनों में ही निवेशकों को 40% का शानदार रिटर्न दिया है।
