Indian Oil Corporation (IOC) के शेयरों में सोमवार को **2.01%** की शानदार तेजी देखी गई, जो **₹141.25** पर बंद हुए। यह उछाल कंपनी के मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दमदार नतीजों के बाद आया है। IOC ने इस अवधि में **₹40,701.76 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है।
Detailed Coverage
FY26 में IOC का शानदार प्रदर्शन
कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹784,415.43 करोड़ का कुल रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष (FY25) के ₹758,105.81 करोड़ से अधिक है। ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला। ब्याज और टैक्स से पहले की कमाई (EBIT) पिछले साल के ₹24,564 करोड़ से बढ़कर ₹62,804 करोड़ हो गई। इसी का नतीजा है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹12,028.40 करोड़ से उछलकर ₹40,701.76 करोड़ पर पहुंच गया।
प्रॉफिट मार्जिन और बैलेंस शीट
कंपनी के नेट प्रॉफिट मार्जिन में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो FY26 में बढ़कर 5.18% हो गया, जबकि FY25 में यह सिर्फ 1.58% था। रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) भी 7.29% से बढ़कर 19.17% हो गया। कंपनी की बैलेंस शीट भी मजबूत बनी हुई है, जिसमें डेब्ट-इक्विटी रेशियो 0.60 पर स्थिर है। मार्च 2026 तक कंपनी का रिजर्व्स और सरप्लस बढ़कर ₹205,745 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹172,715 करोड़ था।
कैश फ्लो और आगे क्या?
इस अवधि के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹76,142 करोड़ रहा। भारी कैपिटल खर्च के बावजूद, कंपनी ने साल का अंत ₹1,196 करोड़ के पॉजिटिव नेट कैश फ्लो के साथ किया। शेयरधारकों के लिए, कंपनी ने मार्च 2026 में ₹2 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया था।
निवेशकों की नजरें अब 31 जुलाई, 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर हैं। इस मीटिंग में कंपनी पहली तिमाही (30 जून, 2026 को समाप्त) के नतीजों की समीक्षा करेगी। बाजार की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि क्या IOC वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू ईंधन की मांग की बदलती गतिशीलता के बीच अपने बेहतर मार्जिन स्तर को बनाए रख पाती है या नहीं।
