Russian Oil पर US की नजर! Indian Refiners की बढ़ेगी लागत, मुनाफे पर लटक रही तलवार

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Russian Oil पर US की नजर! Indian Refiners की बढ़ेगी लागत, मुनाफे पर लटक रही तलवार

US के नए लेजिस्लेशन के बाद Indian Refiners अपनी सप्लाई चेन की समीक्षा कर रहे हैं। रूसी कच्चे तेल पर संभावित टैरिफ से लागत बढ़ने का खतरा है, जिससे IOC, BPCL और Reliance Industries के मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।

लागत बढ़ने का बड़ा खतरा

अमेरिकी प्रशासन के नए विधायी घटनाक्रमों के बाद, रूस से ऊर्जा आयात पर 100% तक के संभावित टैरिफ लगने की चर्चा है। भारत के लिए रूसी कच्चा तेल अब तक किफायती रहा है, जिसने रिफाइनरियों के कॉस्ट को कम रखने में बड़ी भूमिका निभाई है। यदि रिफाइनरी कंपनियां इन आयात विकल्पों से दूर होती हैं, तो उन्हें खाड़ी देशों (Middle East) से महंगे दाम पर कच्चा तेल खरीदना होगा।

मार्जिन और मुनाफे पर असर

रिफाइनिंग का पूरा खेल मार्जिन पर टिका होता है। पेट्रोल और डीजल बनाने की लागत अगर बढ़ती है, तो इसका सीधा असर कंपनियों के बॉटम लाइन पर पड़ेगा। देश में ईंधन की बढ़ती मांग और रिफाइनरी विस्तार के इस दौर में, सस्ता कच्चा तेल हासिल करना कंपनियों के लिए बहुत जरूरी है।

आगे क्या होगा?

बाजार के जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि क्या वाशिंगटन इन नियमों को सख्ती से लागू करेगा या भारत जैसे बड़े खरीदारों को छूट मिलेगी। फिलहाल, भारतीय कंपनियां अपनी प्रोक्योरमेंट स्ट्रैटेजी को बारीकी से देख रही हैं ताकि मुनाफे पर चोट न पहुंचे। इन्वेस्टर्स को कंपनियों के आधिकारिक बयानों और ग्लोबल ऑयल प्राइज स्प्रेड पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.