बोर्ड मीटिंग में क्या होगा खास?
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने घोषणा की है कि उसके निदेशक मंडल (Board of Directors) की एक अहम बैठक 18 मई, 2026 को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कंपनी 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए चौथे क्वार्टर (Q4) और पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY25-26) के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों (Financial Results) का ऑडिटेड अप्रूवल देगी।
डिविडेंड पर भी होगा फैसला
वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने के अलावा, बोर्ड FY25-26 के लिए फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) घोषित करने पर भी विचार करेगा। इस घोषणा के मद्देनजर, कंपनी ने 20 मई, 2026 तक इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) पर रोक लगा दी है, क्योंकि IOC एक क्लोज्ड ट्रेडिंग विंडो (Closed Trading Window) का पालन कर रहा है।
विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा
हालिया शेयरधारिता (Shareholding) के आंकड़ों से निवेशकों के सेंटिमेंट में बदलाव के संकेत मिले हैं। मार्च 2026 तिमाही में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में अपनी हिस्सेदारी को पिछले साल के दिसंबर 2025 तिमाही के 8.57% से बढ़ाकर 9.84% कर दिया है। यह कदम कंपनी में विदेशी संस्थागत निवेशकों का बढ़ता विश्वास दिखाता है।
घरेलू निवेशकों ने घटाई हिस्सेदारी
इसके विपरीत, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने IOC में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है। मार्च तिमाही में उनकी हिस्सेदारी घटकर 9.10% रह गई, जो पहले 10.00% थी। प्रमोटर होल्डिंग 51.50% पर स्थिर बनी हुई है, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 9.96% है।
