पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) ने Indian Gas Exchange (IGX) को LNG टर्मिनल कैपेसिटी बुक करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की हरी झंडी दे दी है।
अब पारदर्शिता के साथ होगी बुकिंग
PNGRB के इस फैसले का मुख्य मकसद गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग को आधुनिक बनाना है। अब तक कंपनियों को टर्मिनल कैपेसिटी बुक करने के लिए मैन्युअल और अपारदर्शी तरीकों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसे अब एक व्यवस्थित और डिजिटल स्ट्रक्चर में ढाला जाएगा। यह पहल देश भर में कम उपयोग (underutilization) वाले री-गैसीफिकेशन टर्मिनलों की समस्या को हल करने में मदद करेगी।
छोटे खिलाड़ियों को मिलेगा मौका
इस नए यूनिफाइड पोर्टल पर टर्मिनल ऑपरेटर्स अपनी उपलब्ध कैपेसिटी को लिस्ट कर सकेंगे। इससे नए और छोटे मार्केट प्लेयर्स को भी कॉम्पिटिटिव रेट्स पर टर्मिनल स्लॉट्स मिलना आसान होगा, जो पहले लंबे समय के द्विपक्षीय कॉन्ट्रैक्ट्स की वजह से काफी चुनौतीपूर्ण था।
IGX की बदलती भूमिका
Indian Energy Exchange (IEX) की सब्सिडियरी के तौर पर काम करने वाली IGX अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि IGX केवल एक 'फैसिलिटेटर' (सुविधा प्रदाता) की भूमिका निभाएगी। सभी कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट्स, पेमेंट सेटलमेंट्स और लीगल एग्रीमेंट्स सीधे खरीदार और विक्रेता के बीच ही रहेंगे। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर होंगी कि कितनी जल्दी कंपनियां इस नए डिजिटल मैकेनिज्म को अपनाती हैं, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी देखी जा सके।
