Indian Gas Exchange (IGX) ने सितंबर 2026 में **17.8 ट्रिलियन** ब्रिटिश थर्मल यूनिट के रिकॉर्ड ट्रेडिंग वॉल्यूम के साथ इतिहास रचा है। इसी बीच, कंपनी को अपने IPO के लिए SEBI से हरी झंडी भी मिल गई है।
बाजार की रिकॉर्ड हलचल
सितंबर 2026 में कंपनी का ट्रेडिंग वॉल्यूम पिछले साल के मुकाबले 208% बढ़कर 17.8 ट्रिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट तक पहुंच गया। इस उछाल के पीछे पावर सेक्टर की जबरदस्त डिमांड रही है। ग्रिड स्टेबिलिटी बनाए रखने के लिए पावर प्लांट्स को गैस की जरूरत पड़ी, जिसने Gas Index of India (GIXI) की कीमतों को ₹2,712 प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट तक पहुंचा दिया, जो पिछले साल की तुलना में 161% अधिक है।
IPO की पूरी सच्चाई
यह IPO पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) होगा, यानी इसके जरिए कंपनी के प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। इस प्रक्रिया से कंपनी को कोई नया फंड नहीं मिलेगा। इस कदम का मुख्य मकसद Petroleum and Natural Gas Regulatory Board के नियमों का पालन करना है, जिसके तहत प्रमोटर को अपनी हिस्सेदारी घटाकर 25% करनी है। फिलहाल प्रमोटर (Indian Energy Exchange) के पास 47% से ज्यादा हिस्सेदारी है।
फाइनेंशियल्स पर एक नजर
कंपनी की आर्थिक स्थिति मजबूत नजर आ रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में IGX का नेट प्रॉफिट ₹42.02 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹30.79 करोड़ से बेहतर है। हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी का प्रदर्शन पूरी तरह से पावर सेक्टर की मांग पर निर्भर है। पाइपलाइन क्षमता और अन्य ऊर्जा स्रोतों की उपलब्धता भी कंपनी के भविष्य के कारोबार को प्रभावित कर सकती है। अब बाजार की नजर IPO की तारीख और प्राइस बैंड के ऐलान पर टिकी है।
