Enel के भारतीय रिन्यूएबल एसेट्स पर लगी बोली, ₹3,000 करोड़ में लगी बाजी, पर कानूनी पेंच बाकी!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Enel के भारतीय रिन्यूएबल एसेट्स पर लगी बोली, ₹3,000 करोड़ में लगी बाजी, पर कानूनी पेंच बाकी!
Overview

RP Sanjiv Goenka Group की Purvah Green, Inox Clean Energy और Hexa Climate ने Enel के भारतीय रिन्यूएबल एसेट्स के लिए बोली लगाई है। इन संपत्तियों का मूल्य लगभग $360 मिलियन (₹3,000 करोड़) है। हालांकि, Enel और Waaree Energies के बीच चल रहे आर्बिट्रेशन (Arbitration) के कारण यह डील थोड़ी जटिल हो गई है।

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रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में बड़ी डील

भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी के बीच, प्रमुख भारतीय कंपनियों ने Enel के भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी एसेट्स के लिए अपनी बाइंडिंग बिड्स (Binding Bids) जमा कर दी हैं। यह पोर्टफोलियो करीब $360 मिलियन (यानी ₹3,000 करोड़) के एंटरप्राइज वैल्यू (Enterprise Value) वाला है और इसमें 2.5 GW की क्षमता शामिल है। यह डील भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में मजबूत रुचि को दर्शाती है, भले ही पिछले एक सौदे में कानूनी चुनौतियां सामने आई हों।

कौन हैं दौड़ में?

RP Sanjiv Goenka Group की Purvah Green, Inox Clean Energy, और Hexa Climate इस सौदे के लिए मुख्य दावेदार बनकर उभरी हैं। इन कंपनियों ने छह हफ्तों की ड्यू डिलिजेंस (Due Diligence) अवधि के बाद अपनी बोलियां पेश की हैं। Sembcorp और Blueleaf Energy जैसी कंपनियां भी शॉर्टलिस्ट की गई थीं, लेकिन उन्होंने फाइनल ऑफर नहीं दिया। इस प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में इन संपत्तियों के रणनीतिक महत्व का पता चलता है, जिसमें भविष्य में भारी ग्रोथ की उम्मीद है।

कानूनी पेंच फंसा

इस पूरी बिक्री प्रक्रिया पर Enel और Waaree Energies के बीच चल रहे इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन (International Arbitration) का साया मंडरा रहा है। Enel ने Waaree Energies पर आरोप लगाते हुए हर्जाने की मांग की है, क्योंकि Waaree Energies ने कथित तौर पर Enel के भारतीय व्यवसाय को खरीदने का पिछला सौदा तोड़ दिया था। यह कानूनी विवाद खरीदार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है, क्योंकि उसे आर्बिट्रेशन से जुड़े संभावित देनदारियों के बारे में स्पष्टता की आवश्यकता होगी, हालांकि Waaree Energies इस विवाद को खारिज कर रही है।

पोर्टफोलियो की खासियतें

इस पोर्टफोलियो में करीब 2.5 गीगावाट (GW) रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जिनमें से लगभग 640 मेगावाट (MW) सौर और पवन ऊर्जा से संबंधित प्रोजेक्ट्स वर्तमान में चालू हैं। Enel Green Power India अपने प्रोजेक्ट्स का प्रबंधन 20 से अधिक स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) के जरिए करती है। यह बिक्री Enel की अपने पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने की वैश्विक रणनीति का हिस्सा है।

खरीदारों की रणनीति

बोली लगाने वाली कंपनियां भी अपने रिन्यूएबल एनर्जी ऑपरेशन्स का विस्तार कर रही हैं। RP Sanjiv Goenka Group सौर सेल मैन्युफैक्चरिंग (Solar Cell Manufacturing) में निवेश कर रही है, जबकि Inox Clean Energy ने कई अधिग्रहण किए हैं। I-Squared Capital द्वारा समर्थित Hexa Climate, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स विकसित कर रही है।

जोखिम और प्रतिस्पर्धा

नए मालिक के लिए मुख्य जोखिम Waaree Energies के साथ अनसुलझा आर्बिट्रेशन है, जो इंटीग्रेशन (Integration) को जटिल बना सकता है। इसके अलावा, Sembcorp जैसे प्रतिस्पर्धियों के पास पहले से ही भारत में पर्याप्त रिन्यूएबल क्षमता मौजूद है। इन चुनौतियों के बावजूद, कई बोलीदाताओं की निरंतर रुचि यह बताती है कि Enel की भारतीय संपत्तियां रणनीतिक रूप से काफी मूल्यवान बनी हुई हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.