भारत में बिजली की 'पड़ोसी से पड़ोसी' ट्रेडिंग का आगाज! आपकी बिजली बिल का गणित बदलेगा?

ENERGY
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AuthorMehul Desai|Published at:
भारत में बिजली की 'पड़ोसी से पड़ोसी' ट्रेडिंग का आगाज! आपकी बिजली बिल का गणित बदलेगा?
Overview

भारत में जल्द ही एक नई 'पीयर-टू-पीयर' (P2P) बिजली ट्रेडिंग व्यवस्था शुरू होने वाली है। इस सिस्टम के ज़रिये, जिनके घरों में रूफटॉप सोलर लगे हैं, वे अपनी अतिरिक्त बिजली सीधे अपने पड़ोसियों को बेच सकेंगे। इस पहल का मकसद नवीकरणीय ऊर्जा के लेन-देन को आसान और सस्ता बनाना है।

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एनर्जी एक्सचेंज का डिजिटल ढाँचा

सरकार ने उपभोक्ताओं को सशक्त करने और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) को बढ़ावा देने के लिए एक नई 'पीयर-टू-पीयर' (P2P) बिजली ट्रेडिंग प्रणाली की घोषणा की है। 'इंडिया एनर्जी स्टैक' (IES) पर आधारित यह प्लेटफॉर्म, रूफटॉप सोलर (Rooftop Solar) लगाने वाले लोगों को अपनी अतिरिक्त बिजली सीधे अपने पड़ोसियों को बेचने की सुविधा देगा। इस डिजिटल बाज़ार में खरीदारों के पास स्मार्ट बिजली मीटर (Smart Electricity Meter) होना ज़रूरी है, वहीं विक्रेताओं के पास रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के साथ नेट मीटर (Net Meter) होने चाहिए जो अतिरिक्त ऊर्जा को ग्रिड में भेजने में सक्षम हो। बिजली की कीमतें एक मोबाइल एप्लीकेशन के ज़रिये तय होंगी, और सभी लेन-देन (Transactions) बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) द्वारा जारी किए जाने वाले मासिक बिलों में एक kumulative adjustment के तौर पर जुड़ जाएंगे।

पायलट प्रोग्राम का विवरण

यह पीयर-टू-पीयर (P2P) बिजली ट्रेडिंग सुविधा इसी महीने चुनिंदा इलाकों में पायलट तौर पर लॉन्च की जाएगी। शुरुआती चरण में दिल्ली के दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम, उत्तर और उत्तर-पश्चिम इलाकों के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में यह सुविधा उपलब्ध होगी। इस पायलट प्रोग्राम को तीन प्रमुख बिजली वितरण कंपनियाँ - BSES Rajdhani Power Limited, Tata Power-Delhi Distribution Limited, और Paschimanchal Vidyut Vitran Nigam Limited - लागू करेंगी। हालांकि ये कंपनियाँ एक बड़े उपभोक्ता वर्ग को सेवाएँ देती हैं, लेकिन शुरुआत में हर डिस्कोम (Discom) के लगभग 1,000 उपभोक्ताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिनमें किसान और छोटे व्यवसाय भी शामिल होंगे।

सिस्टम की सुरक्षा और सेटलमेंट

REC Limited, 'इंडिया एनर्जी स्टैक' (India Energy Stack) के विकास का नेतृत्व कर रही है, जो इस डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को होस्ट करेगा। यह प्लेटफॉर्म सुरक्षित ट्रांज़ैक्शन मैचिंग, अकाउंटिंग और सेटलमेंट का प्रबंधन करेगा। बिजली वितरण कंपनियाँ मीटरिंग, बिलिंग और ग्रिड संचालन के लिए जिम्मेदार बनी रहेंगी, और आवश्यक स्मार्ट मीटर डेटा केंद्रीय लेजर (Central Ledger) को प्रदान करेंगी। सिस्टम की सुरक्षा और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए 'वेरिफाइड क्रेडेंशियल्स' (Verified Credentials) का उपयोग किया जाएगा, जो प्रतिभागियों की पात्रता की पुष्टि करने के लिए डिजिटल पहचान के तौर पर काम करेंगे। कुछ ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में ट्रेडिंग प्रक्रिया में उपयोगकर्ताओं की सहायता के लिए AI एजेंट भी एकीकृत किए जाएंगे।

स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को गति

यह कदम भारत के महत्वाकांक्षी स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसमें 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करना शामिल है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (Pradhan Mantri Surya Ghar Yojana) ने पहले ही रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में ज़बरदस्त वृद्धि को प्रेरित किया है, जिससे लाखों परिवार लाभान्वित हुए हैं। पीयर-टू-पीयर (P2P) ऊर्जा ट्रेडिंग से अतिरिक्त बिजली उत्पादन के लिए सीधा रेवेन्यू स्ट्रीम (Revenue Stream) प्रदान करके सोलर को अपनाने के लिए और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, जिससे घरों और छोटे पैमाने के उपयोगकर्ताओं के लिए नवीकरणीय ऊर्जा ट्रेडिंग अधिक सुलभ और पारदर्शी बन जाएगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.