SATAT Scheme: पराली अब बनेगी कमाई का जरिया, कचरे से बनेगी एनर्जी

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AuthorAditya Rao|Published at:
SATAT Scheme: पराली अब बनेगी कमाई का जरिया, कचरे से बनेगी एनर्जी

भारत सरकार की SATAT स्कीम के जरिए हर साल **23 करोड़ टन** कृषि अवशेषों को बायो-सीएनजी और बायोचार में बदला जा रहा है। यह ग्रीन एनर्जी की दिशा में बड़ा कदम है, जिससे कंपनियों के लिए रेवेन्यू के नए रास्ते खुल रहे हैं।

भारत में कृषि अवशेषों के प्रबंधन में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जो कचरा कभी प्रदूषण का कारण बनता था, अब उसे 'सस्टेनेबल अल्टरनेटिव टुवर्ड्स अफोर्डेबल ट्रांसपोर्टेशन' (SATAT) स्कीम के तहत कीमती आर्थिक संपत्तियों में बदला जा रहा है।

ग्रीन एनर्जी में कमाई के मॉडल

इस बदलाव के दो मुख्य रास्ते हैं। पहला, गीले कचरे (जैसे गोबर और ऑर्गेनिक वेस्ट) को एनारोबिक डाइजेस्टर्स के जरिए बायो-सीएनजी में बदलना। दूसरा, सूखे कचरे (जैसे चावल की भूसी और कपास के डंठल) को थर्मल गैसीफिकेशन के जरिए सिन्गास और बायोचार में बदलना। कंपनियों के लिए यहाँ दोहरा फायदा है—एक तो एनर्जी की बिक्री और दूसरा कार्बन क्रेडिट्स का मुद्रीकरण। नेट-जीरो लक्ष्यों के कारण बायोचार-आधारित कार्बन क्रेडिट्स एक अतिरिक्त इनकम सोर्स के रूप में उभर रहे हैं।

ऑपरेशनल और फाइनेंशियल चुनौतियां

आर्थिक संभावनाओं के बावजूद, यहाँ सप्लाई चेन मैनेजमेंट सबसे बड़ी चुनौती है। इन अवशेषों को इकट्ठा करना और प्लांट तक पहुँचाना काफी खर्चीला है, क्योंकि यह मॉडल करोड़ों किसानों पर निर्भर है। यदि कंपनियों को लगातार कच्चा माल (Feedstock) नहीं मिला, तो उनके मुनाफे पर बुरा असर पड़ सकता है।

अभी ये प्रोजेक्ट्स गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में सीमित हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनियां अपनी तकनीक को कैसे स्टैंडर्डाइज करती हैं और लॉजिस्टिक्स की लागत को कैसे कंट्रोल करती हैं।

आगे क्या देखना होगा?

इन्वेस्टर्स के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण है कि सरकारी नीतियां कितनी स्थिर रहती हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कितनी तेजी से होता है। जैसे-जैसे यह सेक्टर मैच्योर होगा, कंपनियों का फोकस पायलट प्रोजेक्ट्स से हटकर कमर्शियल-स्केल ऑपरेशंस की ओर बढ़ेगा। साथ ही, लिक्विड कार्बन क्रेडिट मार्केट का विकास इन कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी तय करने में एक अहम रोल निभाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.