सरकार का बड़ा फैसला: Oil & Gas उत्पादन को मिलेगी राहत
भारतीय सरकार ने तेल और गैस (Oil & Gas) उत्पादकों के लिए नई रॉयल्टी दरों की घोषणा की है, जो अब भारी टैक्स के बजाय घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इस बदलाव से Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) और Oil India जैसी कंपनियों को सीधा फायदा होगा। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने ONGC पर 'Outperform' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹405 रखा है, जो स्टॉक में बड़ी तेजी का संकेत देता है।
रॉयल्टी में कटौती और ऊंचे क्रूड भाव का असर
यह नीतिगत बदलाव 12 मई, 2026 से लागू हो गया है। ऑनशोर (onshore) तेल और गैस के लिए रॉयल्टी दरें 16.66% से घटकर 10% कर दी गई हैं। वहीं, ऑफशोर (offshore) ब्लॉकों के लिए यह दर 9.09% से गिरकर 8% हो गई है। यह नीतिगत बदलाव ऐसे समय में आया है जब ब्रेंट क्रूड (Brent crude) का भाव $105.27 प्रति बैरल के आसपास चल रहा है, जो CLSA के अनुमानित $65-$80 रेंज से काफी ऊपर है। CLSA का अनुमान है कि इन कटौतियों से ONGC की प्रति शेयर आय (EPS) में ₹2.5 से ₹3 की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे इसकी वैल्यू 7% से 9% तक बढ़ सकती है। इस ऐलान के बाद 12 मई, 2026 को ONGC का शेयर 7% तक चढ़ गया था।
ONGC काvaluation: साथियों से तुलना और विश्लेषकों की राय
हालांकि, इस सकारात्मक नीतिगत बदलाव के बावजूद, ONGC काvaluation अभी भी जटिल बना हुआ है। फिलहाल यह शेयर लगभग 9.30x के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है, जो इसकी प्रतिद्वंद्वी Oil India (जिसका P/E 11.94x से 17.36x के बीच है) से काफी कम है। ONGC का P/E ऐतिहासिक रूप से काफी अस्थिर रहा है, जो मार्च 2021 में 141.8x के उच्च स्तर से गिरकर मार्च 2023 तक 4.5x के निचले स्तर पर आ गया था। मार्च 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि ONGC की तेल उत्पादन वृद्धि सपाट या गिर रही थी, जबकि Oil India ने मजबूत बढ़त दर्ज की थी।
जोखिम और विभाजित विश्लेषण
विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। CLSA ONGC को लेकर बेहद सकारात्मक है, लेकिन JPMorgan ने कम प्राइस टारगेट दिए हैं और Goldman Sachs ने स्टॉक को 'Sell' रेटिंग दी है। रॉयल्टी कट एक अच्छी खबर है, लेकिन यह ONGC के लिए सभी जोखिमों को खत्म नहीं करती। 9.3x के P/E के साथ भी, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि स्टॉक अभी भी अपनी क्षमता से कम वैल्यू पर है। मुख्य चिंता ONGC के परिचालन प्रदर्शन को लेकर है, जिसने मार्च 2026 तक उत्पादन वृद्धि में Oil India से पिछड़ दिखाया था, जिससे भविष्य में आउटपुट बढ़ाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। $105.27/bbl के मौजूदा ऊंचे क्रूड भावों में भी बाजार की अस्थिरता बनी हुई है। भविष्य में गैस की नई मूल्य निर्धारण नीति या विंडफॉल टैक्स की वापसी जैसे संभावित नीतिगत बदलाव भी जोखिम बने हुए हैं।
ONGC के लिए आगे क्या?
CLSA का ₹405 का टारगेट प्राइस, ONGC के लिए बड़ी संभावनाओं की ओर इशारा करता है। यह टारगेट इस अनुमान पर आधारित है कि स्टॉक फिलहाल ब्रेंट क्रूड को $65/bbl पर वैल्यू कर रहा है, जबकि मौजूदा भाव काफी अधिक हैं। मार्च 2026 के अन्य विश्लेषक टारगेट ₹292.46 और ₹330-343 के बीच थे। फिलहाल, ऊंचे ब्रेंट क्रूड भाव और सरकार की सहायक नीतियों के साथ, ONGC का तात्कालिक आउटलुक सकारात्मक लग रहा है। हालांकि, निवेशक इस बात पर करीब से नजर रखेंगे कि क्या ONGC इन कारकों को स्थिर उत्पादन वृद्धि और बेहतर वित्तीय नतीजों में बदल पाता है, खासकर विश्लेषकों की मिली-जुली राय और पिछली परिचालन समस्याओं को देखते हुए।
