Ethanol Policy: सरकार का बड़ा फैसला, चीनी से इथेनॉल बनाने पर रोक, Sugar Stocks में भारी गिरावट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Ethanol Policy: सरकार का बड़ा फैसला, चीनी से इथेनॉल बनाने पर रोक, Sugar Stocks में भारी गिरावट

सरकार ने 2026-27 के टेंडर में गन्ने के रस और सिरप से इथेनॉल बनाने पर बैन लगा दिया है। खाने की सुरक्षा (food security) को प्राथमिकता देते हुए लिए गए इस फैसले का असर चीनी कंपनियों के शेयरों पर साफ दिख रहा है।

भारत सरकार ने 2026-27 के लिए इथेनॉल ब्लेंडिंग पॉलिसी में बड़ा बदलाव करते हुए घरेलू चीनी की उपलब्धता को प्राथमिकता दी है। हालिया निर्देश के मुताबिक, अब किसी भी नए टेंडर में गन्ने के रस, चीनी सिरप और बी-हैवी मोलासेस का इस्तेमाल इथेनॉल बनाने के लिए नहीं किया जा सकेगा। यह फैसला महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में कम बारिश के चलते चीनी की संभावित कमी और बढ़ती महंगाई को देखते हुए लिया गया है।

कंपनियों के मार्जिन पर गहरा असर

सरकार के इस फैसले से डिस्टिलरीज के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 20% पर कायम है, लेकिन अब कंपनियों को अपनी रणनीति बदलनी होगी। इसके साथ ही, मक्का (maize) आधारित इथेनॉल की खरीद कीमत को ₹71.86 से घटाकर ₹68.86 प्रति लीटर कर दिया गया है। इन दोनों फैसलों से कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर बड़ा दबाव आने की आशंका है।

बाजार की प्रतिक्रिया

इस नीतिगत बदलाव के बाद Sugar Stocks में हड़कंप मच गया है। Balrampur Chini Mills और EID Parry जैसे बड़े खिलाड़ियों के शेयरों में 6% तक की गिरावट देखी गई। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि कंपनियां अनाज आधारित इथेनॉल की ओर कैसे शिफ्ट होती हैं और कम मार्जिन के बीच खुद को कैसे संभालती हैं।

आने वाली तिमाहियों में कंपनियों के फीडस्टॉक मिक्स और वॉल्यूम गाइडेंस पर सबकी नजर रहेगी, क्योंकि निवेशकों को अब नए बिजनेस मॉडल के असर का इंतजार है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.