रिन्यूएबल एनर्जी में रिकॉर्ड तोड़ बढ़त
भारत में रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन 2025 में एक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुना यानी 98 टेरावॉट-घंटा (TWh) रहा। इस बड़ी छलांग के पीछे मुख्य रूप से सोलर और विंड एनर्जी का हाथ रहा। सोलर पावर जनरेशन में 37% की वृद्धि के साथ 53 TWh का इजाफा हुआ, वहीं विंड एनर्जी में 28% की बढ़ोतरी के साथ 22 TWh का उत्पादन बढ़ा।
Ember, जो एक एनर्जी थिंक टैंक है, के मैनेजिंग डायरेक्टर आदित्य लोल (Aditya Lolla) का कहना है कि भारत के बदलते पावर सिस्टम में सोलर एनर्जी सबसे बड़ा ड्राइवर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैटरी स्टोरेज के साथ मिलकर सोलर एनर्जी, चौबीसों घंटे क्लीन पावर के लिए एक तेज रास्ता बना रही है, जिससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक झटकों के खिलाफ मजबूती बढ़ रही है।
कोयले से उत्पादन में आई कमी
रिन्यूएबल्स में इस बढ़त के चलते 2025 में भारत का कोयले से बिजली उत्पादन 44 TWh कम हुआ। मांग में उम्मीद से कम वृद्धि ने भी इस कमी में भूमिका निभाई। लेकिन इन सबके बावजूद, कोयला भारत की बिजली का मुख्य स्रोत बना हुआ है।
कोयले का दबदबा कायम
पिछले साल, कोयले ने भारत की 71% बिजली की आपूर्ति की। यह आंकड़ा एशिया के औसत 52% और वैश्विक औसत 33% से काफी ज्यादा है। पिछले एक दशक में, कोयले से बिजली उत्पादन 468 TWh बढ़ा है, जो 46% की बढ़ोतरी है। चीन के बाद, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कोयला जनरेटर बना हुआ है। यह भारत के ऊर्जा परिवर्तन के जटिल और मिले-जुले रास्ते को दर्शाता है।
