Windfall Tax: सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल एक्सपोर्ट पर टैक्स बढ़ा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Windfall Tax: सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल एक्सपोर्ट पर टैक्स बढ़ा

केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स (Windfall Tax) बढ़ा दिया है। ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम **$91** प्रति बैरल के पार जाने के बाद यह कदम उठाया गया है, जिसका सीधा असर तेल रिफाइनर कंपनियों के मार्जिन पर पड़ सकता है।

टैक्स में बदलाव की पूरी डिटेल

सरकार ने स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में बदलाव करते हुए पेट्रोल पर एक्सपोर्ट लेवी को शून्य से बढ़ाकर ₹1.5 प्रति लीटर कर दिया है। वहीं, डीजल के एक्सपोर्ट पर टैक्स को ₹24 से बढ़ाकर ₹25 प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के मोर्चे पर राहत दी गई है और इसके एक्सपोर्ट पर ड्यूटी को ₹19.5 से घटाकर ₹19 प्रति लीटर कर दिया गया है। यह नई दरें सितंबर 2026 से प्रभावी हैं।

क्यों बढ़ाया गया टैक्स?

यह फैसला पूरी तरह से ग्लोबल एनर्जी मार्केट की अस्थिरता पर आधारित है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $91 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं। सरकार हर पखवाड़े (fortnightly) इन टैक्स दरों की समीक्षा करती है ताकि रिफाइनर्स के अत्यधिक मुनाफे और सरकारी राजस्व के बीच संतुलन बना रहे।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

इस कदम का सबसे ज्यादा असर उन रिफाइनरी कंपनियों पर पड़ेगा जिनका एक्सपोर्ट बिजनेस बड़ा है। एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से इन कंपनियों के नेटबैक मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इन टैक्स बदलावों का असर घरेलू बाजार में बिकने वाले ईंधन की कीमतों पर नहीं पड़ेगा, इसलिए पेट्रोल पंपों पर दाम स्थिर रहेंगे। निवेशकों को सलाह है कि वे ग्लोबल क्रूड प्राइसेज पर नजर रखें, क्योंकि यदि दाम बढ़ते हैं, तो सरकार भविष्य में और भी सख्त कदम उठा सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.