India का बड़ा कदम: पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाई गई, अब E30 तक होगा इस्तेमाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
India का बड़ा कदम: पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाई गई, अब E30 तक होगा इस्तेमाल
Overview

भारत सरकार ने इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के लिए नई तकनीकी मानक (Technical Specifications) तय कर दिए हैं। अब E22 से लेकर E30 तक के इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को मंजूरी मिली है, जो देश के बायोफ्यूल प्रोग्राम को बड़ी मजबूती देगा। इस कदम से प्रदूषण कम होगा, तेल आयात घटेगा और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

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इथेनॉल सम्मिश्रण (Ethanol Blending) की रफ़्तार तेज

भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards - BIS) ने आधिकारिक तौर पर E22, E25, E27 और E30 सहित उच्च इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल ग्रेड के लिए तकनीकी विशिष्टताओं को स्थापित कर दिया है। यह अधिसूचना, IS 19850:2026, भारत के व्यापक इथेनॉल-सम्मिश्रण कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मानक इन ईंधन मिश्रणों के लिए निर्जल इथेनॉल (anhydrous ethanol) और मोटर गैसोलीन के आवश्यक अनुपात का विवरण देता है, जो राष्ट्र की ऊर्जा प्रणाली में बायोफ्यूल को एकीकृत करने की एक मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उम्मीद है कि यह विकास जीवाश्म ईंधन से दूर जाने की गति को तेज करेगा, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता के राष्ट्रीय लक्ष्यों को समर्थन मिलेगा।

नए मानक पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को दे रहे बढ़ावा

नए मानक केवल ईंधन संरचना से आगे बढ़कर व्यावहारिक कार्यान्वयन कदम भी निर्धारित करते हैं। इसमें पेट्रोल पंपों पर स्पष्ट लेबलिंग की आवश्यकता शामिल है, जो ईंधनों को "E22 पेट्रोल", "E25 पेट्रोल", "E27 पेट्रोल" और "E30 पेट्रोल" के रूप में पहचानेगा। यह परिचालन आवश्यकता सुनिश्चित करती है कि ईंधन खुदरा विक्रेता, तत्काल राष्ट्रव्यापी आदेश के बिना भी, इस नई व्यवस्था के लिए तैयार हों। रिफाइनरियों को प्रत्येक ईंधन बैच के लिए गुणवत्ता प्रमाणपत्र (quality certificates) भी प्रदान करने होंगे, जिसमें एडिटिव्स (additives) के उपयोग के लिए विशिष्ट नियम होंगे। इन उपायों का उद्देश्य वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना, परिवहन के पर्यावरणीय प्रभाव में सुधार करना, 'मेक इन इंडिया' पहल का समर्थन करना और आयातित कच्चे तेल पर देश की निर्भरता को काफी हद तक कम करना है। यह मानकीकरण ऑटोमोबाइल निर्माताओं, रिफाइनरों और परीक्षण एजेंसियों के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण प्रदान करता है, जिससे वर्तमान E20 मिश्रण से आगे व्यापक रूप से अपनाने का मार्ग प्रशस्त होता है।

उद्योग के विचार और भविष्य की योजनाएं

ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने BIS अधिसूचना का स्वागत किया है और इसे "एक महत्वपूर्ण और समय पर उठाया गया कदम" बताया है। AIDA इसे इथेनॉल के उपयोग को बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का एक स्पष्ट संकेत मानती है। यह रणनीतिक फोकस न केवल आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करता है, बल्कि एक स्वच्छ परिवहन क्षेत्र को भी बढ़ावा देता है। एसोसिएशन ने बताया कि E25, चीनी और इथेनॉल उत्पादन में वर्तमान अतिरिक्त मात्रा (surpluses) को प्रबंधित करने के लिए एक व्यवहार्य विकल्प है। AIDA E85 और यहाँ तक कि E100 ईंधन की ओर एक दीर्घकालिक बदलाव के लिए भी दबाव बना रही है। फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों (flex-fuel vehicles) का विकास इथेनॉल की खपत को काफी हद तक बढ़ाने और एक मजबूत घरेलू बायोफ्यूल बाजार बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। उद्योग भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़े विकास की उम्मीद कर रहा है, जिसमें बायोफ्यूल की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.