EV Charging: हाईवे पर खत्म होगी टेंशन! मोबाइल चार्जिंग यूनिट्स लाने की तैयारी, पेट्रोल पंप बनेंगे 'एनर्जी हब'

ENERGY
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
EV Charging: हाईवे पर खत्म होगी टेंशन! मोबाइल चार्जिंग यूनिट्स लाने की तैयारी, पेट्रोल पंप बनेंगे 'एनर्जी हब'

देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मालिकों की सबसे बड़ी समस्या 'रेंज एंग्जायटी' को दूर करने के लिए नया प्लान तैयार है। पेट्रोल पंपों पर अब मोबाइल एथेनॉल-पावर्ड चार्जिंग यूनिट्स लगाने का प्रस्ताव रखा गया है।

भारत में हाईवे पर इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलाने वाले लोगों के लिए 'रेंज एंग्जायटी' यानी बैटरी खत्म होने का डर अब पुरानी बात हो सकती है। जुलाई 2026 तक देश में 52,718 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन होने के बावजूद, ग्रिड कनेक्टिविटी और जगह की कमी के चलते हाईवे पर दिक्कतें बरकरार हैं। अब एक्सपर्ट्स ने पेट्रोल पंपों पर 'मोबाइल एथेनॉल-पावर्ड चार्जिंग' का सुझाव दिया है, जिससे ऑन-डिमांड सपोर्ट मिल सकेगा।

पेट्रोल पंप बनेंगे मल्टी-एनर्जी हब

इस मॉडल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके लिए भारी-भरकम ग्रिड अपग्रेड या नई जमीन की जरूरत नहीं पड़ेगी। मौजूदा पेट्रोल पंपों को ही 'मल्टी-एनर्जी हब' में तब्दील किया जाएगा, जहां पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ अब एथेनॉल जनरेटर से चलने वाले मोबाइल चार्जर भी मौजूद होंगे। यह फिक्स्ड-लोकेशन चार्जिंग स्टेशनों की तुलना में कहीं अधिक किफायती और लचीला रास्ता है।

इंडस्ट्री में बड़े बदलाव

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में कंपनियां अब एक साथ आ रही हैं। अगस्त 2026 के अंत में Hyundai Motor India और Jio-bp ने एक बड़ी साझेदारी की है, जिससे ग्राहकों को 37,000 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स का एक्सेस एक ही ऐप के जरिए मिल रहा है। यह साबित करता है कि अब कंपनियां केवल चार्जर की संख्या बढ़ाने के बजाय सर्विस इंटीग्रेशन पर जोर दे रही हैं।

रिस्क और ध्यान रखने वाली बातें

यह मॉडल सुनने में जितना आसान है, इसमें कुछ चुनौतियां भी हैं। मोबाइल स्टोरेज और फास्ट चार्जिंग के लिए कंपनियों को बड़ा 'कैपिटल एक्सपेंडिचर' करना होगा। साथ ही, ऑफ-ग्रिड एनर्जी के लिए अभी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार हो रहा है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे पायलट प्रोजेक्ट्स और सरकार की नीतिगत अपडेट्स पर नजर रखें, क्योंकि यही तय करेगा कि यह मॉडल फिक्स्ड-ग्रिड के मुकाबले कितना सस्टेनेबल होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.