बाज़ार के उलट चली पावर स्टॉक्स की चाल
जहां एक तरफ बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 0.94% गिरकर लाल निशान में था, वहीं एनर्जी सेक्टर (Energy Sector) के शेयरों में निवेशकों ने ज़बरदस्त खरीदारी की। बाज़ार की इस मंदी ने एनर्जी शेयरों में निवेश के मौके ढूंढ रहे निवेशकों को नहीं रोका।
गर्मियों की सप्लाई पक्की, सरकार का बड़ा दांव
इस तेज़ी की मुख्य वजह सरकार का एक बड़ा फैसला है। मिनिस्ट्री ऑफ़ पावर (Ministry of Power) ने घोषणा की है कि थर्मल पावर प्लांट्स (Thermal Power Plants) के ज़रूरी मेंटेनेंस शटडाउन (Maintenance Shutdowns) को टाल दिया जाएगा। इस स्ट्रेटेजिक कदम से गर्मियों की पीक डिमांड (Peak Demand) के लिए 10,000 MW अतिरिक्त बिजली सप्लाई के लिए तैयार रहेगी।
ग्लोबल रिस्क से निपटने की तैयारी
यह अतिरिक्त 10,000 MW की क्षमता महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पश्चिमी एशिया (West Asia) में चल रहे संघर्ष के कारण LNG सप्लाई में संभावित व्यवधानों से होने वाले अनुमानित 8,000 MW के नुकसान की भरपाई करने के लिए काफी है। मिनिस्ट्री ने यह भी कन्फर्म किया है कि देश की कुल इंस्टॉल्ड कैपेसिटी (Installed Capacity) 531 GW को पार कर चुकी है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि बिजली व्यवस्था मज़बूत बनी हुई है।
डिमांड में बढ़ोतरी का अनुमान और स्टॉक्स में उछाल
इन सकारात्मक संकेतों के बीच, Axis Securities की एक रिपोर्ट ने बताया है कि FY26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में भारत की बिजली की डिमांड 425 बिलियन यूनिट दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 1.9% ज़्यादा थी। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि गर्मी से पहले पड़ने वाली लू (Heatwaves) के चलते FY27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में यह डिमांड और बढ़ेगी। नतीजों के तौर पर, NTPC Green Energy के शेयर 8% तक उछले, वहीं Reliance Power और Thermax Limited जैसे स्टॉक्स में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी गई। Nifty Energy इंडेक्स दिन के अंत में हरे निशान में बंद हुआ, जो इस सेक्टर की ज़बरदस्त आउटपरफॉर्मेंस को दर्शाता है।