Power Sector Q2 Results: बिजली कंपनियों का मुनाफा **11%** बढ़ने की उम्मीद, कोयले की कमी बनी बड़ी चुनौती

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AuthorNeha Patil|Published at:
Power Sector Q2 Results: बिजली कंपनियों का मुनाफा **11%** बढ़ने की उम्मीद, कोयले की कमी बनी बड़ी चुनौती

FY27 की दूसरी तिमाही में बिजली कंपनियों का मुनाफा **11%** तक बढ़ सकता है। बिजली की जबरदस्त मांग के बीच कोयले की कमी और एक्सचेंज पर बढ़ते दाम निवेशकों के लिए चिंता का सबब हैं।

भारतीय पावर सेक्टर के लिए दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीदों से भरे हैं। साल-दर-साल आधार पर मुनाफे में 11% की ग्रोथ का अनुमान है। इस तेजी की मुख्य वजह बिजली की मांग में आई उछाल है, जो इस तिमाही में 503 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई है, यानी पिछले साल के मुकाबले 11.7% की भारी बढ़ोतरी।

थर्मल पावर प्लांट ग्रिड की रीढ़ बने हुए हैं और इन्होंने कुल बिजली उत्पादन का 69% हिस्सा पूरा किया है। इन प्लांट का प्लांट लोड फैक्टर भी 61.9% से बढ़कर 68.3% हो गया है। हालांकि, प्रोडक्शन बढ़ने से ईंधन संसाधनों पर भारी दबाव पड़ रहा है।

कोयले की किल्लत और जोखिम

निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए क्योंकि ईंधन सप्लाई की स्थिति चुनौतीपूर्ण है। कई प्लांट में कोयले का स्टॉक अनिवार्य सुरक्षा भंडार के 25% से भी नीचे गिर गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार को ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए इमरजेंसी प्रावधानों का सहारा लेना पड़ा है। कोयले की कमी के कारण कंपनियां अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही हैं।

मार्केट प्राइस पर असर

Indian Energy Exchange (IEX) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में नॉन-सोलर घंटों के लिए बिजली की कीमतें ₹9.5 प्रति यूनिट तक पहुंच गई हैं, जबकि पिछले साल इसी महीने यह ₹3.2 प्रति यूनिट थी। हालांकि ऊंची कीमतें मर्चेंट सेल के लिए अच्छी हैं, लेकिन यह पीक डिमांड (जो 269GW तक रही) और सप्लाई के बीच के बड़े अंतर को भी दर्शाती हैं।

नतीजों के दौरान सिर्फ मुनाफे के आंकड़े न देखें। निवेशकों को इस बात पर गौर करना होगा कि कंपनियों ने फ्यूल कॉस्ट को कैसे मैनेज किया है और क्या वे कोयले की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित कर पाई हैं या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.