मांग में मजबूती, पर चिंताएं बरकरार
जनवरी 2026 में India के पावर सेक्टर में मांग में 5% की शानदार रिकवरी दर्ज की गई, जो कि 143 बिलियन यूनिट तक पहुंच गई। पिछले वित्तीय वर्ष (FY26) की तीसरी तिमाही में मौसमी उतार-चढ़ाव के कारण आई नरमी के बाद यह एक बड़ा उछाल है। कुल बिजली उत्पादन 2% बढ़ा, जबकि पीक डिमांड 245 GW के स्तर पर पहुंच गई। शुरुआती फरवरी के आंकड़ों के अनुसार, बेस इफेक्ट के चलते मांग में सामान्य वृद्धि देखी जा रही है, हालांकि पीक डिमांड 3% बढ़ी है। Antique Stock Broking का अनुमान है कि FY27 में बेहतर ग्रोथ देखने को मिल सकती है, जो कि GDP ग्रोथ और औद्योगिक विस्तार से प्रेरित होगी।
पॉलिसी का डबल एज्ड स्वॉर्ड: Discoms की वित्तीय हालत
Draft National Electricity Policy (NEP) 2026, जो अभी सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी की गई है, पावर सेक्टर को मजबूत बनाने का लक्ष्य रखती है। इसका एक मुख्य बिंदु Distribution Companies (Discoms) की लगातार बनी हुई खराब वित्तीय हालत को सुधारना है। देश भर की Discoms पर कुल मिलाकर ₹6.9 लाख करोड़ का घाटा और ₹7.18 लाख करोड़ का कर्ज है। पॉलिसी का प्रस्ताव है कि FY2026-27 से अनिवार्य रूप से कॉस्ट-रिफ्लेक्टिव टैरिफ लागू किए जाएं, ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाई जाए और Aggregate Technical & Commercial (AT&C) लॉसेस को कम किया जाए। हालांकि, पिछली कई नीतियों और बेलआउट पैकेजों की नाकामी को देखते हुए, इन उपायों की प्रभावशीलता एक बड़ा सवाल बनी हुई है।
रिन्यूएबल एनर्जी का विस्तार और ग्रिड इंटीग्रेशन की चुनौतियाँ
जनवरी 2026 तक पावर सेक्टर की कुल स्थापित क्षमता 521 GW तक पहुंच गई, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) का योगदान महत्वपूर्ण है। जनवरी में जोड़ी गई 7 GW नई क्षमता में से 73% हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी का था, और FY26 में अब तक जोड़ी गई 45 GW ग्रोथ में रिन्यूएबल का हिस्सा 89% रहा, जिससे कुल हिस्सेदारी 41% हो गई। हालांकि, Bernstein जैसे एनालिस्ट्स का अनुमान है कि FY27 में रिन्यूएबल कैपेसिटी एडिशन घटकर लगभग 35 GW रह सकती है, जिसका कारण धीमी टेंडरिंग प्रक्रिया, ग्रिड की दिक्कतें और सरकारी सपोर्ट में संभावित कमी हो सकती है।
वैल्यूएशन और एग्जीक्यूशन: JSW Energy vs. Adani Power
Antique Stock Broking ने JSW Energy को ₹648 के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' रेटिंग दी है, जो 32 GW की मजबूत पाइपलाइन पर आधारित है। JSW Energy का P/E Ratio लगभग 33.71x है, जो NTPC (14.56x) और Adani Power (24.64x) जैसे साथियों की तुलना में अधिक है। वहीं, Adani Power का P/E Ratio 24.64x है और कंपनी FY28 तक अपनी क्षमता को 41.9 GW तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। Adani Power ने हाल ही में न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में भी कदम रखा है। Adani Power के लिए एनालिस्ट्स का औसत 'Strong Buy' टारगेट प्राइस ₹182.17 के आसपास है।
मुख्य जोखिम: ढांचागत कमजोरियां और वैल्यूएशन संबंधी चिंताएं
भारतीय पावर सेक्टर के लिए सबसे बड़ा जोखिम Discoms की नाजुक वित्तीय सेहत बनी हुई है। यदि उनके संचित घाटे और कर्ज का कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो मांग रिकवरी और नई क्षमता में निवेश की निरंतरता संदिग्ध रहेगी। JSW Energy का ऊँचा वैल्यूएशन (P/E of 33.71x) भी चिंता का विषय हो सकता है, खासकर रिन्यूएबल कैपेसिटी एडिशन में संभावित नरमी और ग्रिड इंटीग्रेशन की चुनौतियों को देखते हुए। Adani Power की आक्रामक क्षमता विस्तार योजनाएं सकारात्मक हैं, लेकिन थर्मल कैपेसिटी पर निर्भरता और उसके बड़े पैमाने से जुड़े इंटीग्रेशन रिस्क भी मौजूद हैं।
भविष्य का अनुमान
Antique Stock Broking का पावर सेक्टर के प्रति नजरिया सकारात्मक (Constructive) है, जो मांग में रिकवरी और रिन्यूएबल एनर्जी के विस्तार पर टिका है। JSW Energy और Adani Power इस माहौल से फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं। JSW Energy के लिए एनालिस्ट्स का औसत टारगेट प्राइस ₹587 से ₹630 के बीच है, जबकि Adani Power के लिए यह लगभग ₹182.17 है। हालांकि, इन टारगेट्स की प्राप्ति NEP 2026 के प्रभावी कार्यान्वयन, विशेष रूप से Discoms की वित्तीय व्यवहार्यता, और ग्रिड बाधाओं व एनर्जी ट्रांज़िशन के प्रभावी प्रबंधन पर बहुत अधिक निर्भर करेगी।
