Power Sector Crisis: देश के आधे पावर प्लांट्स में कोयले का भारी संकट, बिजली की मांग में **23.4%** की तूफानी तेजी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Power Sector Crisis: देश के आधे पावर प्लांट्स में कोयले का भारी संकट, बिजली की मांग में **23.4%** की तूफानी तेजी

भारत के पावर सेक्टर के लिए बड़ी चिंता की खबर सामने आई है। देश के लगभग **50%** कोयला-आधारित पावर प्लांट्स में कोयले का स्टॉक खतरनाक स्तर तक गिर गया है। बिजली की भारी मांग और सप्लाई में बाधाओं के चलते प्लांट्स में महज **6 दिन** का ईंधन ही बचा है, जो सामान्य बफर **19-20 दिन** से बहुत कम है।

संकट की गंभीरता

अक्टूबर 2026 के अंत तक के आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल 176 थर्मल पावर स्टेशनों में से 85 प्लांट्स ऐसे हैं जहां कोयले का स्टॉक उनके निर्धारित नॉर्मेटिव लेवल के 25% से भी कम रह गया है। यह संकट कुल 207 गीगावाट की क्षमता को प्रभावित कर रहा है, जो देश के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ा खतरा है।

क्यों बढ़ रहा है पावर का दबाव?

मानसून के बाद बिजली की मांग में आमतौर पर गिरावट आती है, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट है। Grid Controller of India के मुताबिक, अक्टूबर के शुरुआती 10 दिनों में बिजली की मांग में सालाना आधार पर 23.4% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में भी मांग 10.2% की दर से बढ़ी है, जिसका मुख्य कारण औद्योगिक गतिविधियों में तेजी और कूलिंग (AC/Cooling) की मांग रही है।

कोयला उत्पादन में क्यों आई रुकावट?

सप्लाई साइड की बात करें तो, वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों में घरेलू कोयला उत्पादन में 3.2% की गिरावट देखने को मिली है, जिसका बड़ा असर Coal India के आउटपुट पर पड़ा है। हालांकि पावर सेक्टर को कोयला सप्लाई में 4% की ग्रोथ हुई, लेकिन यह बढ़ती खपत को पूरा करने के लिए नाकाफी साबित हो रही है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

मौजूदा स्थिति का सीधा असर पावर कंपनियों के मार्जिन पर पड़ सकता है। यदि प्लांट्स को महंगा कोयला बाहर से खरीदना पड़ा और वे इस लागत को टैरिफ कैप के कारण ग्राहकों पर नहीं डाल पाए, तो उनके मुनाफे में गिरावट तय है। आने वाले हफ्तों में कोयले के स्टॉक की बहाली और माइनर्स के प्रोडक्शन डेटा पर नजर रखना निवेशकों के लिए सबसे जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.