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भारत की बिजली की मांग का ग्राफ गिरा, बेमौसम बारिश ने किया ठंडा, गर्मी की पीक पर असर!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
भारत की बिजली की मांग का ग्राफ गिरा, बेमौसम बारिश ने किया ठंडा, गर्मी की पीक पर असर!
Overview

भारत में मार्च महीने में बिजली की मांग में खास तेजी नहीं देखी गई। बेमौसम बारिश के चलते तापमान ठंडा रहा, जिससे कूलिंग की जरूरत कम हुई और कुल मांग में केवल **1.8%** का मामूली इजाफा हुआ। जानकारों का मानना है कि यह धीमी मांग अप्रैल में भी जारी रह सकती है।

गर्मी की पीक उम्मीद से काफी कम रही

मार्च में बिजली की पीक डिमांड 238.37 GW तक पहुंची, जो फरवरी के 235.22 GW से थोड़ी ज्यादा है। हालांकि, यह मई 2024 में दर्ज किए गए रिकॉर्ड 250 GW के स्तर से काफी कम है। पिछले साल गर्मी में जून में पीक डिमांड 242.77 GW थी, जो सरकार के 277 GW के अनुमान से कोसों दूर थी। इस साल के लिए ऊर्जा मंत्रालय (Power Ministry) ने 270 GW की पीक डिमांड का अनुमान लगाया है।

मौसम का हाल और अप्रैल का अनुमान

भारतीय मौसम विभाग (Indian Meteorological Department - IMD) के मुताबिक, मार्च में पश्चिमी विक्षोभ (western disturbances) सामान्य से ज्यादा रहे, जिससे देश भर में अधिकतम तापमान कम रहा। महीने के दूसरे हिस्से में लू का प्रकोप भी लगभग न के बराबर रहा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसी तरह बिजली की मांग में धीमी ग्रोथ का यह सिलसिला अप्रैल में भी बना रह सकता है, क्योंकि बारिश की उम्मीदों के चलते गर्मी की शुरुआत में देरी हो सकती है।

IMD का अनुमान है कि अप्रैल में देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है, हालांकि कुछ पूर्वी, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिमी इलाकों में यह ज्यादा हो सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान ज्यादातर जगहों पर सामान्य से ऊपर रहने की उम्मीद है। बारिश भी ज्यादातर इलाकों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा हो सकती है, जो तापमान से चलने वाली बिजली की मांग को और नियंत्रित करेगा।

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