क्यों बढ़ेंगे फ्यूल के दाम?
पश्चिमी एशिया (West Asia) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। इस वजह से ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) $111 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। इस स्थिति ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को प्रभावित किया है, जिससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर दबाव बढ़ गया है।
OMCs की बढ़ी मुसीबत
भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) पिछले लगभग चार सालों से पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखे हुए थीं। लेकिन कच्चे तेल के बढ़ते दामों को झेलने के कारण इन कंपनियों को भारी वित्तीय नुकसान (Financial Losses) हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है, जो उनकी सेहत के लिए चिंताजनक है।
सरकार के सामने दुविधा
अब सरकार के सामने एक बड़ी दुविधा खड़ी हो गई है। एक तरफ OMCs को राहत देने और उनके नुकसान की भरपाई के लिए फ्यूल की कीमतें बढ़ाना जरूरी है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई (Inflation) और सरकार के अपने वित्तीय बजट (Fiscal Budget) का भी ध्यान रखना है। सरकार पहले ही मार्च 2026 में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duties) कम करके लगभग ₹1.3 लाख करोड़ का घाटा झेल चुकी है। ऐसे में, कीमतें बढ़ाने का फैसला लेना एक नाजुक संतुलन बनाने जैसा है, खासकर तब जब भारत अपनी 88% कच्चे तेल की जरूरतें आयात (Import) से पूरी करता है और रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर है (लगभग 0.01055)।
अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में $10 प्रति बैरल की बढ़ोतरी भारत की जीडीपी ग्रोथ (GDP Growth) को लगभग 15 बेसिस पॉइंट तक कम कर सकती है और महंगाई को 30 बेसिस पॉइंट बढ़ा सकती है। वर्तमान में महंगाई दर लगभग 4.7% है, जो फ्यूल प्राइस बढ़ने पर और बढ़ सकती है। यदि कच्चा तेल लंबे समय तक $130 प्रति बैरल पर बना रहता है, तो महंगाई 5.5% तक पहुंच सकती है और फाइनेंशियल ईयर 27 तक जीडीपी ग्रोथ घटकर 6.4% रह सकती है।
भविष्य की रणनीति
इस बीच, OMCs अपनी कमाई के स्रोत को बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) अपने पेट्रोकेमिकल बिजनेस (Petrochemical Business) का विस्तार कर रही है, जिसका लक्ष्य 2026 तक कंपनी के कुल EBITDA का लगभग 15% पेट्रोकेमिकल्स से आना है। एनालिस्ट IOCL के लिए 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹160-175 के बीच देख रहे हैं। यह रणनीति उन्हें अस्थिर रिफाइनिंग बिजनेस पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी।
