LPG Demand: अगस्त में LPG की खपत में 16% की भारी गिरावट, OMCs के मार्जिन पर बढ़ा दबाव

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AuthorAditya Rao|Published at:
LPG Demand: अगस्त में LPG की खपत में 16% की भारी गिरावट, OMCs के मार्जिन पर बढ़ा दबाव

भारत में LPG की खपत अगस्त 2026 में साल-दर-साल आधार पर **16.1%** घटकर **2.42 मिलियन टन** रह गई है। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के अनुसार, पाइप नेचुरल गैस की ओर बढ़ते झुकाव और सप्लाई चेन की बाधाओं ने तेल कंपनियों के मुनाफे के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

अगस्त 2026 में LPG की खपत 2.42 मिलियन टन रही, जो पिछले साल इसी महीने के 2.89 मिलियन टन के मुकाबले 16.1% कम है। हालांकि जुलाई के मुकाबले इसमें 2.2% की मामूली बढ़ोतरी दिखी है, लेकिन सालाना आधार पर यह गिरावट ऊर्जा के बदलते इस्तेमाल को दर्शाती है।

नेचुरल गैस की ओर बदलाव

यह कमी महज अस्थायी नहीं है, बल्कि औद्योगिक और कमर्शियल सेक्टर में पाइप नेचुरल गैस (PNG) की ओर हो रहे बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव को दिखाती है। वेस्ट एशिया में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे प्रमुख रास्तों पर सप्लाई चेन की दिक्कतों ने इस स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

पेट्रोल-डीजल का प्रदर्शन

जहां LPG की मांग घटी है, वहीं पेट्रोल और डीजल की बिक्री में मजबूती देखी गई है। IOC, BPCL और HPCL जैसी सरकारी तेल कंपनियों को सिंचाई और परिवहन क्षेत्र से अच्छी मांग मिली है।

कंपनियों पर असर

निवेशकों के लिए चिंता की बात कच्चे तेल की कीमतें हैं, जो सितंबर की शुरुआत में $91 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में अस्थिरता और महंगे आयात से कंपनियों के मार्जिन पर भारी दबाव है। Nifty Oil & Gas सेक्टर पिछले छह महीनों में बाजार के मुकाबले 9% पीछे रहा है। अब नजरें क्रूड ऑयल की कीमतों और सप्लाई रूट की स्थिरता पर टिकी हैं, जो भविष्य में इन कंपनियों की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी तय करेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.