दुनियाभर में जियोपॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Turbulence) के माहौल में India अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को अभूतपूर्व तरीके से मजबूत कर रहा है। देश ने अपनी आयात रणनीति (Import Strategy) में बड़ा बदलाव करते हुए तेल और गैस की सोर्सिंग को कई देशों में फैला दिया है, ताकि किसी एक समुद्री रास्ते, खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) पर निर्भरता कम से कम हो सके। यह कदम राष्ट्रीय हित में उठाया गया है और हाल ही में रूसी तेल पर मिली अमेरिकी छूट (US waiver on Russian oil) जैसी कूटनीतिक कोशिशों से इसे और बल मिला है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का बड़ा खतरा, India कैसे सुरक्षित?
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर संकट खड़ा कर दिया है। यह वो रास्ता है जहाँ से हर दिन दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल (Crude Oil) और LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का आयात-निर्यात होता है। बढ़ते तनाव के कारण यहाँ से जहाजों का आवागमन लगभग 70% तक कम हो गया है, जिससे बीमा प्रीमियम (Insurance Premiums) भी आसमान छू रहे हैं। 6 मार्च 2026 को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का भाव $91.27 प्रति बैरल तक पहुँच गया था, जो सप्लाई में कमी के डर को दिखाता है।
लेकिन India इस खतरे से काफी हद तक सुरक्षित है। देश के करीब 60% कच्चे तेल का आयात स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होकर नहीं गुजरता, बल्कि यह रूस, पश्चिम अफ्रीका, अमेरिका और मध्य एशिया जैसे वैकल्पिक रास्तों से आता है। इसका मतलब है कि इस एक बिंदु पर रुकावट का India पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, India के पास लगभग 45 दिन का स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserves) और कमर्शियल इन्वेंटरी (Commercial Inventories) का बफर है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ट्रांजिट में मौजूद तेल और SPR सुविधाओं को मिलाकर यह 7-8 हफ़्ते की सुरक्षा प्रदान करता है।
सप्लायर देशों का बड़ा नेटवर्क: एक दशक की कूटनीतिक मेहनत
पिछले एक दशक में India ने अपने ऊर्जा सप्लायर देशों का नेटवर्क काफी फैलाया है। पहले जहाँ 27 देशों से आयात होता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 40 देशों तक पहुँच गई है। यह सिर्फ कीमत का मामला नहीं है, बल्कि बातचीत की ताकत बढ़ाने और किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम करने की रणनीति है। हाल ही में United States और United Arab Emirates (UAE) के साथ नए ऊर्जा सप्लाई एग्रीमेंट हुए हैं, जबकि Australia और Canada ने गैस सप्लाई बढ़ाने का वादा किया है। यह सब राष्ट्रीय हित में किया जा रहा है ताकि कंपीटिटिव प्राइस (Competitive Price) और भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित हो सके।
कूटनीति का मास्टरस्ट्रोक: रूसी तेल पर अमेरिकी छूट
India की सुरक्षा रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वैश्विक प्रतिबंधों के साथ तालमेल बिठाना रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हाल ही में मिला 30-दिन का अमेरिकी ट्रेजरी छूट (US Treasury waiver) है, जिसने भारतीय रिफाइनरियों को 5 मार्च 2026 से पहले लोड किए गए रूसी क्रूड को प्रोसेस करने की अनुमति दी। इस छूट से लगभग 20-22 मिलियन बैरल रूसी तेल तक पहुंच संभव हुई है, जो तत्काल सप्लाई की कमी को पूरा करने और रिफाइनरी ऑपरेशन्स को सुचारू रखने में मदद करेगा। India ने G7 प्राइस कैप नियमों का लगातार पालन किया है। यह कूटनीतिक कदम India की वैश्विक एनर्जी मार्केट को स्थिर रखने में अहम भूमिका को दर्शाता है।
कीमतों में स्थिरता: वैश्विक उतार-चढ़ाव का कम असर
ऊर्जा की खरीद की इस डायवर्सिफाइड (Diversified) और प्रोएक्टिव (Proactive) रणनीति का सबसे बड़ा फायदा घरेलू बाजार में कीमतों की स्थिरता के रूप में दिखा है। जहाँ Pakistan में पेट्रोल 55%, Germany में 22%, France में 19% और US में 11.54% महंगा हुआ, वहीं India में पेट्रोल की कीमतों में 1% से कम बढ़ोतरी हुई। यह India की ऊर्जा सुरक्षा ढांचे की सफलता को दर्शाता है। देश की 258 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) की रिफाइनिंग क्षमता घरेलू खपत से ज़्यादा है, जिससे विभिन्न ग्रेड के क्रूड को प्रोसेस करने में आसानी होती है।
आगे की राह: बढ़ती मांग और रणनीतिक जरूरतें
India की ऊर्जा मांग (Energy Demand) में मजबूत वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। उम्मीद है कि 2026 की दूसरी छमाही में पावर डिमांड बढ़ेगी। सरकार की रणनीति में डायवर्सिफिकेशन, राष्ट्रीय भंडार (National Reserves) को बढ़ाना और ग्रीन हाइड्रोजन (Green Hydrogen) की ओर बढ़ना शामिल है। India का लक्ष्य 2030 तक सालाना 5 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन करना है। लंबी अवधि में रिफाइनिंग क्षमता को 400-450 MMTPA तक और स्ट्रेटेजिक रिजर्व को 90-दिन का बफर बनाने का लक्ष्य है। यह कदम India को भविष्य में ऊर्जा बाजारों की अनिश्चितताओं से निपटने और अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) को मजबूत करने में मदद करेगा।