IOCL Expansion: गुजरात रिफाइनरी की क्षमता बढ़ाएगी इंडियन ऑयल, **18 MMTPA** का लक्ष्य

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
IOCL Expansion: गुजरात रिफाइनरी की क्षमता बढ़ाएगी इंडियन ऑयल, **18 MMTPA** का लक्ष्य

Indian Oil Corporation (IOCL) ने अपनी गुजरात रिफाइनरी को अपग्रेड करने का बड़ा ऐलान किया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 तक कंपनी अपनी रिफाइनिंग क्षमता को **18 मिलियन मीट्रिक टन (MMTPA)** तक पहुंचाने की तैयारी में है।

बड़े विस्तार की तैयारी

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) अपने गुजरात प्लांट की उत्पादन क्षमता को 13.7 MMTPA से बढ़ाकर 18 MMTPA करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का मुख्य केंद्र 'पेट्रोकेमिकल्स एंड ल्यूब इंटीग्रेशन' है, जिसका मकसद केवल पारंपरिक ईंधन नहीं, बल्कि हाई-वैल्यू पेट्रोकेमिकल और स्पेशलिटी ऑयल का उत्पादन बढ़ाना है।

क्यों है यह रणनीति जरूरी?

पेट्रोल और डीजल की कीमतों और ग्लोबल डिमांड में आने वाले उतार-चढ़ाव से बचने के लिए कंपनी अब पेट्रोकेमिकल सेक्टर की ओर रुख कर रही है। इससे कंपनी को रेवेन्यू के मामले में ज्यादा स्थिरता मिलेगी और वह पूरी तरह फ्यूल मार्जिन्स पर निर्भर नहीं रहेगी।

कच्चे तेल की सप्लाई का डायवर्सिफिकेशन

रिफाइनरी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बनाए रखने के लिए IOCL ने कच्चे तेल की खरीद के स्रोत बढ़ा दिए हैं। फिलहाल रिफाइनरी में 30% घरेलू क्रूड और 70% आयातित तेल का इस्तेमाल होता है। कंपनी अब मिडिल ईस्ट, अमेरिका और वेनेजुएला से तेल मंगवा रही है, ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो और जियोपॉलिटिकल रिस्क से बचा जा सके।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

निवेशकों को इस प्रोजेक्ट के एग्जीक्यूशन और टाइमलाइन पर पैनी नजर रखनी होगी। बड़े रिफाइनरी अपग्रेड्स में भारी कैपिटल खर्च होता है, और यदि प्रोजेक्ट में देरी हुई तो यह कैश फ्लो को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, लंबी अवधि में यह मॉडल प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर करने के लिए तैयार किया गया है। आने वाले समय में कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री और कमिशनिंग शेड्यूल पर निवेशकों का फोकस रहना चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.