IOCL Share Price: रिकॉर्ड मुनाफा! Refining Margins ने दिलाई बंपर कमाई, Petrochemicals में झटका

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AuthorAditya Rao|Published at:
IOCL Share Price: रिकॉर्ड मुनाफा! Refining Margins ने दिलाई बंपर कमाई, Petrochemicals में झटका
Overview

Indian Oil Corporation (IOCL) के शेयरधारकों के लिए खुशखबरी! कंपनी ने Q3 FY26 में शानदार **₹13,502 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले कुछ समय के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। इस भारी उछाल की मुख्य वजह कंपनी के Refining और Marketing सेगमेंट की मजबूत परफॉर्मेंस और Gross Refining Margins (GRM) में जबरदस्त सुधार रहा। हालांकि, Petrochemical सेगमेंट में कंपनी को अभी भी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

Refining Margins की दम पर IOCL का शानदार रिजल्ट

Indian Oil Corporation (IOCL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जो निवेशकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर करीब ₹13,502 करोड़ हो गया है, जो पिछले कुछ समय की तुलना में कई गुना ज्यादा है। यह जबरदस्त बढ़ोतरी मुख्य रूप से कंपनी के Refining और Marketing बिजनेस के दमदार प्रदर्शन और बेहतर मार्जिन के चलते हुई है। पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट 65% बढ़ा है। इस दौरान IOCL का कुल कंसोलिडेटेड इनकम बढ़कर करीब ₹2.37 लाख करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछली तिमाही के ₹2.07 लाख करोड़ और पिछले साल की इसी तिमाही के ₹2.21 लाख करोड़ से ज्यादा है।

इस प्रॉफिट बूस्ट का सबसे बड़ा कारण Gross Refining Margins (GRM) में आया बड़ा सुधार है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले 9 महीनों में IOCL का GRM $8.41 प्रति बैरल रहा, जो पिछले साल इसी अवधि के $3.69 प्रति बैरल से काफी अधिक है। वहीं, नॉर्मलाइज्ड GRM $9.86 प्रति बैरल रहा, जो पिछले साल के $4.22 प्रति बैरल की तुलना में कहीं बेहतर है। यह सुधार कच्चे तेल की खरीद लागत में आई अनुकूलता के कारण संभव हुआ। ऑपरेशनल फ्रंट पर भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 9M FY26 में रिफाइनरी थ्रूपुट 55.719 मिलियन टन रहा, जो क्षमता का 105% है, और यह पिछले साल के मुकाबले 5% ज्यादा है। कंपनी ने 9 महीने की बिक्री में भी रिकॉर्ड 77.774 मिलियन टन का आँकड़ा छुआ है।

Petrochemical में घाटा और LPG सब्सिडी का बोझ

जहां एक ओर Refining बिजनेस चमका है, वहीं IOCL का Petrochemical बिजनेस अभी भी चुनौतियों से जूझ रहा है। Q3 FY26 में Petrochemical सेगमेंट को ₹361.51 करोड़ का प्री-टैक्स लॉस हुआ है, जो पिछली तिमाही के ₹168.42 करोड़ के प्रॉफिट और पिछले साल की समान तिमाही के ₹154.86 करोड़ के लॉस से भी ज्यादा है। यह दर्शाता है कि Petrochemical मार्केट में अभी भी दबाव बना हुआ है।

इसके अलावा, कंपनी LPG बिजनेस के लिए नेट नेगेटिव बफर का प्रबंधन कर रही है, जो 31 दिसंबर 2025 तक ₹24,318.60 करोड़ था। सरकार ने LPG सब्सिडी के लिए ₹14,486 करोड़ आवंटित किए हैं, जिन्हें किश्तों में जारी किया जाएगा। IOCL को नवंबर और दिसंबर 2025 के लिए इन किश्तों से ₹2,414.34 करोड़ की राशि रेवेन्यू के तौर पर मिली है, जिससे बफर कुछ कम हुआ है। इस सरकारी सहायता पर कंपनी की सब्सिडी वाली LPG सेगमेंट में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए निर्भरता बनी हुई है।

कॉम्पिटिशन और एनालिस्ट्स की राय

भारतीय ऑयल एंड गैस सेक्टर में IOCL का P/E रेश्यो करीब 9.02-10.15 के बीच है, जो इसे HPCL (लगभग 6.26-6.34) और BPCL (लगभग 6.4-8.8) जैसे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में आकर्षक स्थिति में रखता है। ONGC का P/E रेश्यो भी लगभग 9.2 के आसपास है। 9M FY26 के लिए IOCL का औसत GRM $8.41/बैरल रहा, जो HPCL के $8.83/BL और BPCL के $10.66/BL से थोड़ा कम है, लेकिन यह सेक्टर में मजबूत ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।

हाल के दिनों में IOCL के शेयर में अच्छी तेजी देखी गई है। पिछले 15 ट्रेडिंग सेशन में इसमें 4.58% का उछाल आया है और 2025 में यह 22.0% बढ़ा है। एनालिस्ट्स का नज़रिया आम तौर पर पॉजिटिव है, 31 एनालिस्ट्स में से अधिकांश ने 'Buy' की रेटिंग दी है। हालांकि, उनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹171.94 से ₹174.45 के आसपास है, जो मौजूदा ट्रेडिंग रेंज ₹164-₹175 से थोड़ी सीमित अपसाइड की ओर इशारा करता है। कुछ एनालिस्ट्स ने हाल ही में IOCL के लिए प्राइस टारगेट बढ़ाए हैं, जो कंपनी के प्रदर्शन में उनके विश्वास को दर्शाते हैं, हालांकि एक एनालिस्ट ने 'Reduce' की रेटिंग भी दी है।

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