IOCL ने कोच्चि से तूतिकोरिन तक **425 किमी** लंबी नेचुरल गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए **₹2,449 करोड़** के भारी-भरकम निवेश को मंजूरी दी है। यह प्रोजेक्ट केरल और तमिलनाडु में कंपनी के एनर्जी नेटवर्क को मजबूती देगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा विस्तार
Indian Oil Corporation Limited (IOCL) ने कोच्चि से तूतिकोरिन तक 424.65 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन के लिए ₹2,448.70 करोड़ के बजट को बोर्ड से हरी झंडी दे दी है। इस प्रोजेक्ट को Petroleum and Natural Gas Regulatory Board (PNGRB) से पहले ही जरूरी मंजूरी मिल चुकी है।
'कॉमन कैरियर' मॉडल की ताकत
यह पाइपलाइन प्रतिदिन 6.84 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की क्षमता के साथ तैयार की जाएगी। इसमें से 1.71 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर क्षमता थर्ड-पार्टी उपयोग के लिए आरक्षित होगी। इस 'कॉमन कैरियर' मॉडल से न केवल कंपनी का नेटवर्क नेशनल ग्रिड से जुड़ेगा, बल्कि पाइपलाइन के इस्तेमाल में भी बढ़ोतरी होगी।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
यह कदम कंपनी के लिए लंबी अवधि की आय का जरिया (Recurring Income Stream) बनाने की रणनीति है। फ्यूल बिक्री के विपरीत, जो कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर रहती है, पाइपलाइन से मिलने वाला किराया काफी स्थिर रहता है। हालांकि, इतने बड़े प्रोजेक्ट्स में जमीन अधिग्रहण और राइट-ऑफ-वे (Right-of-way) जैसी चुनौतियां बनी रहती हैं, जिससे काम में देरी होने का रिस्क भी रहता है। इसके अलावा, भारी पूंजी खर्च से कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर भी अल्पकाल के लिए असर पड़ सकता है।
दक्षिण भारत का एनर्जी ग्रिड होगा मजबूत
यह नई लाइन मौजूदा 'एन्नोर-तूतिकोरिन-बेंगलुरु' नेटवर्क के साथ मिलकर दक्षिण भारत में ऊर्जा की सप्लाई को और अधिक सुगम बनाएगी। तटीय टर्मिनल से औद्योगिक क्लस्टर को जोड़ने से गैस की उपलब्धता की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। अब देखना यह होगा कि कंपनी इसे तय बजट और टाइमलाइन के भीतर कैसे पूरा करती है।
