IOC: इराक से सस्ते क्रूड की डील, लेकिन 'Strait of Hormuz' में खतरे की घंटी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
IOC: इराक से सस्ते क्रूड की डील, लेकिन 'Strait of Hormuz' में खतरे की घंटी

Indian Oil Corp ने इराक से **2 मिलियन बैरल** क्रूड ऑयल आयात करने की बड़ी डील फाइनल की है, जिसमें **$32** प्रति बैरल का भारी डिस्काउंट मिला है। हालांकि, इस शिपमेंट की सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को लेकर बड़े जोखिम बने हुए हैं।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने इराक से 'Basrah Medium' क्रूड की बड़ी खरीद का सौदा किया है। यह खेप 22 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 के बीच लोड की जाएगी। कंपनी को यह तेल दुबई बेंचमार्क से $32 प्रति बैरल सस्ते दाम पर मिला है। रूस के बाद इराक भारत का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता है, इसलिए ऊर्जा लागत कम करने के लिए यह एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

डिस्काउंट के पीछे का 'रिस्क प्रीमियम'

बाजार के जानकारों का मानना है कि इतनी भारी छूट इसलिए दी गई है क्योंकि इस क्षेत्र से तेल की ढुलाई में भारी जोखिम और अनिश्चितताएं हैं। सबसे बड़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाली जहाजों की सुरक्षा को लेकर है। इस रूट पर बढ़ते तनाव के कारण कई टैंकर अपनी AIS ट्रांसपोंडर को बंद कर रहे हैं ताकि उन्हें ट्रैक न किया जा सके। कोई भी तनाव सीधे तौर पर भारत की सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है।

बुनियादी ढांचे और सुरक्षा की चुनौती

इराक में विदेशी सेनाओं की वापसी के बाद से सुरक्षा का माहौल संवेदनशील बना हुआ है। वहां तेल उत्पादन और स्टोरेज सुविधाओं पर हमले का खतरा बना रहता है, जो कच्चे तेल की समय पर उपलब्धता को बाधित कर सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है अहम?

निवेशकों को अब सप्लाई चेन की विश्वसनीयता पर नजर रखनी चाहिए। सस्ते दाम का फायदा तभी मिलेगा जब शिपमेंट सुरक्षित रूप से समय पर पहुंचेगी। यदि क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण देरी या आपूर्ति रुकती है, तो यह डिस्काउंट का फायदा नुकसान में बदल सकता है। आने वाले समय में मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति ही IOC के ऑपरेशंस की दिशा तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.