Strait of Hormuz में भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए Indian Oil Corporation ने LPG प्रोडक्शन में **30%** का इजाफा किया है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर **2027** की पहली तिमाही में कंपनी को **₹2,661 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
सुरक्षा के लिए उत्पादन में बढ़ोतरी
Strait of Hormuz, जो दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई के लिए एक प्रमुख मार्ग है, वहां बढ़ते तनाव के कारण Indian Oil Corporation ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। चूंकि भारत का 45% क्रूड और 90% LPG इसी रास्ते से आता है, इसलिए कंपनी ने रिफाइनरी की क्षमता को 100% से ऊपर चलाकर उत्पादन में 30% की भारी बढ़ोतरी की है ताकि देश में फ्यूल की कमी न हो।
खराब नतीजों का असर
उत्पादन में तेजी के बावजूद फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही कंपनी के लिए मुश्किल भरी रही है। कंपनी को ₹2,661 करोड़ का नेट लॉस उठाना पड़ा है। इसके साथ ही कंपनी पर कर्ज का बोझ भी बढ़कर ₹141,453 करोड़ तक पहुंच गया है। बढ़ते इनपुट कॉस्ट और मार्जिन पर दबाव का सीधा असर कंपनी की बैलेंस शीट पर दिख रहा है।
रेगुलेटरी एक्शन और भविष्य की राह
कंपनी के सामने केवल वित्तीय चुनौतियां ही नहीं, बल्कि रेगुलेटरी मुश्किलें भी हैं। BSE और NSE ने SEBI के लिस्टिंग नियमों के उल्लंघन और बोर्ड कंपोजिशन में गड़बड़ी के कारण कंपनी पर ₹14.19 लाख का जुर्माना लगाया है।
फिलहाल, कंपनी का मैनेजमेंट अब पेट्रोकेमिकल्स और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश पर जोर दे रहा है ताकि भविष्य में आयात पर निर्भरता कम की जा सके। निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी अपने बढ़ते कर्ज और मुनाफे के मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
