बढ़ती मांग ने गैस ट्रेडिंग को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाया
Indian Energy Exchange (IGX) में अप्रैल के महीने में पिछले महीने की तुलना में ट्रेडिंग वॉल्यूम में करीब 79% का जबरदस्त उछाल आया। यह वॉल्यूम बढ़कर लगभग 215.16 मिलियन MMSCM तक पहुँच गया। इस गतिविधि में यह बड़ी बढ़ोतरी मुख्य रूप से शुरुआती गर्मी की लहरों के दौरान बिजली की बढ़ती मांग के कारण हुई है। पावर प्रोड्यूसर्स कंपनियाँ अपनी गंभीर ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए, खासकर गैर-सौर शाम के घंटों में जब थर्मल प्लांट पर दबाव बढ़ जाता है, स्पॉट मार्केट का रुख कर रही हैं।
सप्लाई में कमी के बीच कीमतों में आई तेजी
एक्सचेंज का बेंचमार्क गैस प्राइस इंडेक्स, GIXI, पिछले महीने से 58% बढ़कर $16.9 प्रति MMBtu पर पहुँच गया। यह पिछले साल के मुकाबले 49.10% की बढ़ोतरी है। कीमतों में इस तेज उछाल के पीछे कई कारण हैं, जिनमें ग्लोबल एलएनजी (LNG) ट्रेड फ्लो में सप्लाई की बाधाएँ और घरेलू गैस की उपलब्धता में कमी शामिल है। स्पॉट गैस की बढ़ती कीमतों का मतलब है बिजली उत्पादन और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के लिए लागत में वृद्धि।
घरेलू बनाम फ्री मार्केट गैस की स्थिति
अप्रैल में ट्रेड हुई कुल गैस वॉल्यूम में से आधे से ज़्यादा, लगभग 53.08%, घरेलू हाई-प्रेशर, हाई-टेम्परेचर (HPHT) गैस थी, जिसे अधिकतम मूल्य पर बेचा गया। इस सेगमेंट को मुख्य रूप से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों ने पाइप नेचुरल गैस (PNG) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की ज़रूरतों के लिए खरीदा। बाकी 46.92% फ्री मार्केट गैस थी। प्रोड्यूसर्स ने विभिन्न डिलीवरी पॉइंट से 17.52 MMSCM घरेलू स्तर पर उत्पादित गैस का कारोबार किया, जिसे मूल्य निर्धारण में स्वतंत्रता मिली हुई थी।
क्षेत्रीय कीमतों में भी तेज उछाल
क्षेत्रीय गैस कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी देखी गई। GIXI-West, अखिल भारतीय बेंचमार्क के लगभग बराबर रहा, जबकि GIXI-East और GIXI-South में क्रमशः 59.04% और 45.24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ये क्षेत्रीय अंतर देश भर में सप्लाई-डिमांड में असंतुलन और ट्रांसमिशन सीमाओं को दर्शाते हैं। GIXI-Dahej बेंचमार्क पिछले महीने से 56.09% बढ़कर लगभग $16.3 प्रति MMBtu पर बंद हुआ।
