Indraprastha Gas (IGL): Q3 में 25% भागा मुनाफा, पर 9 महीने में गिरावट | DDA के ₹330 Cr के नोटिस का क्या होगा?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indraprastha Gas (IGL): Q3 में 25% भागा मुनाफा, पर 9 महीने में गिरावट | DDA के ₹330 Cr के नोटिस का क्या होगा?
Overview

Indraprastha Gas (IGL) के निवेशकों के लिए Q3 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी ने तिमाही नतीजों में शानदार **25.45%** की ग्रोथ दिखाते हुए **₹358.57 करोड़** का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया। रेवेन्यू में भी **8.35%** की बढ़त देखी गई, जबकि EBITDA **31.34%** उछलकर **₹472.52 करोड़** पर पहुंच गया। हालांकि, 9 महीने के नतीजों पर नजर डालें तो स्टैंडअलोन PAT में **2.79%** की गिरावट आई है।

Indraprastha Gas (IGL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में दमदार प्रदर्शन से निवेशकों को राहत दी है। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 25.45% की शानदार बढ़त के साथ ₹358.57 करोड़ दर्ज किया गया। यह ग्रोथ मुख्य रूप से 8.35% बढ़कर ₹4,488.71 करोड़ हुए रेवेन्यू और 31.34% उछलकर ₹472.52 करोड़ पर पहुंचे EBITDA के दम पर हासिल हुई। कंपनी की परिचालन क्षमता में सुधार और बेहतर मूल्य निर्धारण शक्ति के चलते EBITDA मार्जिन में 200 बेसिस पॉइंट का इजाफा हुआ, जो 10% से बढ़कर 12% हो गया। कुल वॉल्यूम में भी 3% की बढ़त के साथ 867.18 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (M SCM) का आंकड़ा छुआ, जिसमें सीएनजी और पीएनजी सेगमेंट का योगदान रहा। कंसोलिडेटेड PAT भी 20.46% बढ़कर ₹392.01 करोड़ रहा।

लेकिन, पूरे 9 महीने के नतीजों पर नज़र दौड़ाएं तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है। 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 9.47% की वृद्धि के बावजूद, स्टैंडअलोन PAT में पिछले साल के ₹1,118.36 करोड़ की तुलना में 2.79% की गिरावट दर्ज की गई, जो अब ₹1,087.02 करोड़ है। इसी तरह, 9 महीने का कंसोलिडेटेड PAT भी 4.37% घटकर ₹1,204.76 करोड़ रहा। कंपनी ने 21 नवंबर, 2025 से लागू हुए नए लेबर कोड के कारण ₹28.29 करोड़ (स्टैंडअलोन) का अतिरिक्त व्यय भी दर्ज किया।

इन नतीजों के बीच, IGL ने शेयरधारकों को ₹3.25 प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) का ऐलान किया है। हालांकि, कंपनी के सामने एक बड़ा कानूनी और वित्तीय जोखिम बना हुआ है - दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा ₹330.73 करोड़ (ब्याज छोड़कर) की बढ़ी हुई लाइसेंस फीस की मांग। IGL इस मांग को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे रही है, और इसके नतीजे कंपनी के भविष्य के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इसके अलावा, कंपनी ने ₹34.46 करोड़ के निवेश और ₹28.04 करोड़ के लोन के साथ एक नई सब्सिडियरी, IGL Genesis Technologies Limited, की स्थापना की है, जो रणनीतिक विस्तार की ओर इशारा करती है।

निवेशकों को DDA के साथ चल रही कानूनी कार्यवाही के नतीजे पर कड़ी नज़र रखनी होगी। साथ ही, Q3 की तरह वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन विस्तार को बनाए रखना कंपनी के पूरे साल के प्रदर्शन के लिए अहम होगा। नई सब्सिडियरी की प्रगति भी आने वाली तिमाहियों में ध्यान आकर्षित करेगी।

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