IGL Share Price: गैस की ऊंची कीमतों का झटका! पहली तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट **33%** तक गिरा

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AuthorMehul Desai|Published at:
IGL Share Price: गैस की ऊंची कीमतों का झटका! पहली तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट **33%** तक गिरा

Indraprastha Gas Limited (IGL) के लिए पहली तिमाही (Q1 FY27) मिलीजुली रही। कंपनी ने **6%** की रिकॉर्ड सेल्स वॉल्यूम हासिल की, लेकिन गैस की ऊंची कीमतों के कारण मुनाफा **33% से 48%** तक गिर गया। इस खबर के बाद कंपनी के शेयर में गिरावट देखने को मिली।

गैस की ऊंची कीमतों ने घटाया मुनाफा

Indraprastha Gas Limited (IGL) ने 13 अगस्त 2026 को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 33% से 48% तक गिरकर ₹186 करोड़ से ₹238 करोड़ के बीच रहा। नतीजों के बाद शेयर की कीमत ₹151.77 पर आ गई।

इस गिरावट की मुख्य वजह ऑपरेटिंग मार्जिन में आई भारी कमी रही। EBITDA मार्जिन घटकर 6.4%–7.8% पर आ गया, जो कि पिछले 10–13% के स्तर से काफी कम है। कंपनी ने बताया कि यह दबाव मुख्य रूप से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की ऊंची और अस्थिर कीमतों के कारण है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते गैस की सप्लाई प्रभावित हुई और खरीद लागत बढ़ गई, जिसे कंपनी पूरी तरह वसूल नहीं कर पाई।

सेल्स वॉल्यूम में दर्ज हुई रिकॉर्ड वृद्धि

मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी के ऑपरेशनल फ्रंट पर अच्छी खबर आई है। कुल सेल्स वॉल्यूम में 6% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जो 9.66 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (mmscmd) के रिकॉर्ड औसत पर पहुंच गई। इससे पता चलता है कि सीएनजी (CNG) और पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) की डिमांड मजबूत बनी हुई है। हालांकि, यह बढ़ी हुई सेल्स वॉल्यूम भी बढ़ी हुई इनपुट कॉस्ट को संभालने के लिए काफी नहीं थी।

आगे क्या?

निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि कंपनी इस अस्थिर ऊर्जा बाजार में अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बचाएगी। कंपनी का बिजनेस मॉडल ऊंचे खरीद दामों को ग्राहकों से वसूल की जाने वाली कीमतों के साथ संतुलित करने पर निर्भर करता है। अगर वैश्विक कारणों से गैस की ऊंची कीमतें जारी रहीं, तो कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य पर दबाव बना रह सकता है।

बाजार की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या IGL गैस की सोर्सिंग को और बेहतर बना पाती है या फिर अपने ग्राहकों पर लागत बढ़ाने की रणनीति अपनाकर मार्जिन को स्थिर कर पाती है। वॉल्यूम ग्रोथ को प्रभावित किए बिना लागत वृद्धि को ग्राहकों तक पहुंचाने की क्षमता, आने वाली तिमाहियों में शेयर के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.