सरकारी फरमानों से IGL के PNG विस्तार को मिली रफ्तार
सरकार के नए नियमों का Indraprastha Gas Limited (IGL) पर बड़ा असर दिख रहा है। घरों और व्यापारों को LPG से Piped Natural Gas (PNG) पर शिफ्ट करने के सरकारी फरमानों के कारण IGL अपने यूजर बेस में तेजी से इजाफा कर रही है। खासकर, पश्चिम एशिया से ऊर्जा आपूर्ति में आई दिक्कतों के चलते सरकार घरेलू स्तर पर उत्पादित प्राकृतिक गैस को प्राथमिकता दे रही है, जिससे IGL को दिल्ली-NCR जैसे इलाकों में अपनी पैठ मजबूत करने में मदद मिल रही है।
PNG अपनाने के सरकारी आदेश और शेयर में उछाल
ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और इंपोर्टेड LPG पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार PNG के इस्तेमाल पर जोर दे रही है। 24 मार्च, 2026 को जारी एक राष्ट्रीय आदेश के तहत, PNG की सुविधा वाले इलाकों में घरों को तीन महीने के अंदर PNG कनेक्शन लेना होगा, वरना उन्हें LPG सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, 2 अप्रैल, 2026 को दिल्ली सरकार ने एक आदेश जारी किया है, जिसके तहत व्यावसायिक संस्थानों को PNG कनेक्शन लेना या इसके लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है। इन कदमों और पश्चिम एशिया से LPG आपूर्ति की लंबी अवधि की चिंताओं के कारण, IGL के शेयरों में 25 मार्च, 2026 को 1.78% की तेजी देखी गई। इसके साथ ही इसके प्रतिस्पर्धी Mahanagar Gas (MGL) और Gujarat Gas (GGAS) के शेयरों में भी उछाल आया। निवेशकों को लग रहा है कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए ग्रोथ की रफ्तार तेज होगी। 11 अप्रैल, 2026 तक, IGL के शेयर लगभग ₹161.3 पर कारोबार कर रहे थे। पिछले छह महीनों में शेयरों में 25.4% की गिरावट के बावजूद, विश्लेषकों का इस पर सकारात्मक रुख है। उनका औसत 'Buy' रेटिंग और टारगेट प्राइस ₹206.43 है।
IGL का फोकस: कमर्शियल यूजर्स और फास्ट फूड चेन
IGL सिर्फ घरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बड़े पैमाने पर कमर्शियल यूजर्स को भी PNG कनेक्शन देने पर जोर दे रही है। कंपनी का लक्ष्य 400 से अधिक फास्ट-फूड आउटलेट्स को जोड़ना है, जिनमें से 100 पर पहले ही करार हो चुका है। ये आउटलेट्स LPG आपूर्ति की समस्याओं का सामना कर रहे हैं। IGL दिल्ली में पुलिस स्टेशनों के कैंटीन को भी PNG की आपूर्ति कर रही है। साथ ही, व्यस्त व्यावसायिक इलाकों जैसे कनॉट प्लेस में पाइपलाइन बिछाने का काम भी शुरू हो गया है, जिसके लिए मंजूरी तेजी से दी गई है। मैनेजिंग डायरेक्टर कमल किशोर चटीवाल ने 5,000 दैनिक PNG कनेक्शन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो पहले के 600-700 कनेक्शन की तुलना में काफी बड़ी छलांग है। कंपनी अगले 90 दिनों में 485,000 नए कनेक्शन देने की योजना बना रही है।
IGL की वैल्यूएशन: प्रतिद्वंद्वियों की तुलना और विश्लेषकों का नजरिया
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) सेक्टर में IGL का मुकाबला Mahanagar Gas Ltd (MGL) और Gujarat Gas Ltd (GGAS) जैसी कंपनियों से है। वित्तीय मापदंडों, जैसे प्रॉफिट मार्जिन (17.1% बनाम IGL का लगभग 12%) में MGL अक्सर IGL से आगे रहता है। Gujarat Gas का औद्योगिक ग्राहक आधार बड़ा है (वॉल्यूम का 49%) जबकि IGL का यह आंकड़ा 13-16% है। Adani Total Gas का P/E रेशियो काफी ऊंचा है, जो निवेशकों की ऊंची उम्मीदों और एग्जीक्यूशन के जोखिम को दर्शाता है। इसकी तुलना में, IGL का P/E रेशियो (12.6x के आसपास, अप्रैल 2026 तक पिछले बारह महीनों के लिए) प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले आकर्षक लगता है। Nomura, JM Financial और HDFC Securities जैसे ब्रोकरेज हाउसों ने IGL के स्टॉक को अपग्रेड किया है।
IGL के सामने जोखिम: इनपुट लागत और पिछली घटनाएं
हालांकि सरकारी नीतियां IGL के पक्ष में हैं, लेकिन कंपनी के सामने कुछ जोखिम भी हैं। कंपनी को नेटवर्क विस्तार के साथ-साथ बढ़ते खर्चों को भी संतुलित करना होगा। IGL के CNG का लगभग आधा हिस्सा Regasified Liquefied Natural Gas (RLNG) से आता है, जो वैश्विक कीमतों के उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया की अस्थिरता के प्रति संवेदनशील है। हालांकि, PNG और CNG की कुल वॉल्यूम का 79-81% हिस्सा घरेलू गैस से पूरा होता है, फिर भी आपूर्ति सुरक्षा के लिए IGL लंबी अवधि के सौदों के माध्यम से सालाना 500,000 टन LNG का आयात करने की योजना बना रही है। RLNG की ऊंची लागतों के कारण CNG की कीमतें बढ़ रही हैं, जो एक चुनौती पेश करती है। Systematix का अनुमान है कि इन लागत दबावों के कारण IGL को मार्च 2026 की तिमाही में कमाई में 1.7% की साल-दर-साल गिरावट का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी प्रबंधन की प्रतिष्ठा पर अतीत के कुछ मुद्दे भी असर डाल सकते हैं, जैसे कि सितंबर 2021 का जमीन घोटाला, जनवरी 2022 में पूर्व MD के खिलाफ CSR फंड के दुरुपयोग के आरोप, और पूर्व VP के खिलाफ यौन उत्पीड़न के पुराने दावे। मांग को पूरा करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना और ग्राहकों को PNG अपनाने के लिए प्रेरित करना भी बड़ी बाधाएं हैं।
सेक्टर में ग्रोथ और IGL की लंबी अवधि की संभावनाएं
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) सेक्टर में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है, जिसका बाजार 2031 तक USD 23.38 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। इस ग्रोथ को शहरीकरण, सरकारी समर्थन और स्वच्छ ईंधन की ओर बढ़ते रुझान से बढ़ावा मिल रहा है। विश्लेषक आम तौर पर IGL को सकारात्मक नजरिए से देखते हैं, जिनमें 'Buy' रेटिंग और ₹206.43 का औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस शामिल है, जो आगे चलकर अच्छी संभावनाओं का संकेत देता है। राजस्व में सालाना 7.7% की वृद्धि का अनुमान है, जो समग्र भारतीय बाजार की वृद्धि दर से धीमा है। सरकार का PNG को बढ़ावा देना, IGL का व्यावसायिक क्षेत्रों में विस्तार और इसका आकर्षक वैल्यूएशन, इन सब बातों को देखते हुए, यदि एग्जीक्यूशन की चुनौतियों से अच्छी तरह निपटा जाता है, तो कंपनी के लिए एक सकारात्मक दीर्घकालिक मार्ग प्रशस्त होता है।