रिकॉर्ड नतीजों पर भारी रेगुलेटरी चिंता?
Indian Energy Exchange (IEX) ने वितीय वर्ष 2026 के लिए अपने चौथे क्वार्टर (Q4) के नतीजे जारी किए हैं, जो काफी दमदार दिख रहे हैं। कंपनी ने ₹196.4 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 12.5% अधिक है। वहीं, टैक्स के बाद नेट प्रॉफिट 10.8% बढ़कर ₹129.8 करोड़ रहा। यह सब बिजली ट्रेडिंग वॉल्यूम में दर्ज की गई 24.3% की रिकॉर्ड 39.4 बिलियन यूनिट की बढ़ोतरी के दम पर संभव हुआ। खास तौर पर, रियल-टाइम मार्केट सेगमेंट में जबरदस्त ग्रोथ देखी गई।
मार्केट कपलिंग का ग्रहण
इन मजबूत ऑपरेटिंग परफॉरमेंस के बावजूद, IEX के शेयर पिछले 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर से लगभग 40% गिर चुके हैं। इसका मुख्य कारण सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) का 'मार्केट कपलिंग' (Market Coupling) का प्रस्ताव है। CERC ने ड्राफ्ट रेगुलेशन जारी किए हैं, जिसमें Grid Controller of India Ltd (Grid India) को मार्केट कपलिंग ऑपरेटर (MCO) बनाने का प्रस्ताव है। यह इकाई सभी पावर एक्सचेंजों से बिड्स को एग्रीगेट करके एक सिंगल, यूनिफॉर्म मार्केट क्लियरिंग प्राइस तय करेगी।
यह कदम सीधे तौर पर IEX के सबसे बड़े कॉम्पिटिटिव एडवांटेज – उसकी गहरी लिक्विडिटी और प्राइस डिस्कवरी में दबदबा – को चुनौती देता है। IEX का वर्तमान में डे-अहेड मार्केट (DAM) और रियल-टाइम मार्केट (RTM) जैसे प्रमुख सेगमेंट में लगभग 85% मार्केट शेयर है। विश्लेषकों का अनुमान है कि मार्केट कपलिंग लागू होने के बाद IEX का मार्केट शेयर घटकर 60-70% रह सकता है, क्योंकि छोटे एक्सचेंज भी अब पहले से केंद्रित वॉल्यूम तक पहुंच बना पाएंगे। इस बदलाव से एक्सचेंज का रोल सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर तक सीमित हो सकता है, जो रेवेन्यू मॉडल पर दबाव डाल सकता है। इस खबर के बाद IEX के शेयरों में 8% तक की गिरावट दर्ज की गई थी।
नई राहें तलाशता IEX
इन चुनौतियों से निपटने के लिए IEX अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी में विविधता ला रहा है। कंपनी ने हाल ही में बोर्ड से इन-प्रिंसिपल अप्रूवल के बाद इंडियन कोल एक्सचेंज (ICX) की शुरुआत करने की योजना बनाई है। इसका मकसद ई-ऑक्शन रूट से ट्रेड होने वाले लगभग 80-90 मिलियन टन कोयले के बाजार को भुनाना है। यह कदम उसके मौजूदा वेंचर्स, इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) – जिसने FY26 में 35% का PAT ग्रोथ देखा – और इंटरनेशनल कार्बन एक्सचेंज (ICX) (जो रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट पर केंद्रित है) के साथ मिलकर नए रेवेन्यू स्ट्रीम बनाने की कोशिश है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि ये डाइवर्सिफिकेशन प्रयास कोर इलेक्ट्रिसिटी ट्रेडिंग बिजनेस पर पड़ने वाले संभावित दबाव की भरपाई कर पाएंगे या नहीं।
वैल्यूएशन और भविष्य का अनुमान
वर्तमान में, IEX का शेयर लगभग 22-23.87x के ट्रेलिंग ट्वेल्व-मंथ P/E रेशियो पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके 10-साल के मीडियन 38.74x से काफी नीचे है। कुछ विश्लेषक इसे 'पॉसिबल वैल्यू ट्रैप' भी कह रहे हैं। पिछले एक साल में शेयर में 27.61% की गिरावट आई है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 में बिजली वॉल्यूम में 15-20% की ग्रोथ देखने को मिल सकती है, जिसका आधार गर्मियों 2026 में 270 GW की अनुमानित पीक डिमांड और नए कैपेसिटी एडिशन होंगे। मार्केट कपलिंग के लागू होने की अंतिम तारीख और विवरण अभी भी अनिश्चित हैं। CERC के ड्राफ्ट रेगुलेशन पर पब्लिक कमेंट्स की आखिरी तारीख 16 मई, 2026 है।
