IEX Share Price: रिकॉर्ड वॉल्यूम पर रिकॉर्ड मुनाफा? गिरी बिजली कीमतें, शेयर पर दबाव!

ENERGY
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
IEX Share Price: रिकॉर्ड वॉल्यूम पर रिकॉर्ड मुनाफा? गिरी बिजली कीमतें, शेयर पर दबाव!
Overview

इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में बिजली ट्रेडिंग में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जहां कंपनी ने रिकॉर्ड **141 अरब यूनिट (BU)** का वॉल्यूम दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **17%** अधिक है। हालांकि, इस तूफानी तेजी के साथ ही बिजली की औसत कीमतों में भारी गिरावट भी दर्ज की गई है, जिसने स्टॉक पर दबाव बढ़ा दिया है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

बिजली की कीमतों में भारी गिरावट के बीच वॉल्यूम का रिकॉर्ड

फाइनेंशियल ईयर 2026 के अंत तक, इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) ने 141 अरब यूनिट (BU) बिजली का कारोबार करके अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ा है। यह साल-दर-साल 17% की वृद्धि दर्शाता है। एक्सचेंज के ग्रीन मार्केट सेगमेंट ने भी 23% की उछाल के साथ 10.78 अरब यूनिट (BU) का कारोबार किया, जबकि रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट (RECs) में 5% की बढ़त के साथ 18.72 मिलियन यूनिट का ट्रेड हुआ। IEX ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में भी सबसे अधिक तिमाही वॉल्यूम दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि से 24.3% अधिक था।

यह रिकॉर्ड ट्रेडिंग वॉल्यूम ऐसे समय में आया है जब बिजली की औसत कीमतें काफी गिर गई हैं। बिजली उत्पादन में हुई वृद्धि के कारण एक्सचेंज पर सप्लाई बढ़ी, जिससे बाजार की क्लियरिंग कीमतों में कमी आई। फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, डे-अहेड मार्केट (DAM) में औसत कीमत साल-दर-साल 13.7% गिरकर ₹3.86 प्रति यूनिट रही, और रियल-टाइम मार्केट (RTM) में औसत कीमत 16% की गिरावट के साथ ₹3.59 प्रति यूनिट दर्ज की गई। ये कम कीमतें ऊर्जा उत्पादकों की लाभप्रदता के लिए सीधी चुनौती पेश करती हैं।

सप्लाई में इजाफा, जनरेटर मार्जिन पर दबाव

रिकॉर्ड ट्रेडिंग वॉल्यूम और गिरती कीमतों का यह संगम बिजली की सप्लाई में भारी वृद्धि का नतीजा है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में भारत में लगभग 55 गीगावाट (GW) नई बिजली क्षमता जोड़ी गई, जिसमें बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल सोर्स का योगदान रहा। इस सप्लाई इनफ्लक्स ने बिजली की दरों को नीचे धकेल दिया। उदाहरण के लिए, मार्च 2026 में, DAM की कीमतें ₹4.20 प्रति यूनिट (साल-दर-साल 6% कम) और RTM की कीमतें ₹3.71 प्रति यूनिट (साल-दर-साल 10.5% कम) थीं। जहां कम बिजली लागत उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए फायदेमंद है, वहीं यह बिजली उत्पादन कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर गंभीर दबाव डाल रही है।

IEX के स्टॉक पर इन चिंताओं का असर साफ दिख रहा है। शेयर वर्तमान में अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर ₹215.40 से लगभग 50% गिरकर ₹119.42 के आसपास कारोबार कर रहा है।

IEX का प्रीमियम वैल्यूएशन और मार्केट डोमिनेंस

IEX भारत का प्रमुख एनर्जी एक्सचेंज है, जिसका मार्केट शेयर 90% से अधिक है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹10,642 करोड़ है। इसका ट्रेलिंग बारह महीने का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो वर्तमान में 21.7 से 26.3 के बीच है। इसकी तुलना में, इसके छोटे प्रतिस्पर्धी, पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड (PXIL) का P/E रेश्यो लगभग 6.27 है। यह बड़ा वैल्यूएशन गैप दर्शाता है कि भले ही IEX अपनी डोमिनेंट पोजीशन का लाभ उठा रहा हो, निवेशक गिरती कीमतों के बीच भविष्य की कमाई की संभावनाओं पर सवाल उठा रहे हैं। रियल-टाइम मार्केट (RTM) सेगमेंट, जिसने फाइनेंशियल ईयर 2026 में 41% की साल-दर-साल वॉल्यूम वृद्धि देखी, डे-अहेड मार्केट (DAM) की 2.4% की वृद्धि से काफी आगे है। इसी तरह, ग्रीन मार्केट ने भी 23% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.