IAEA Report: 2060 तक तीन गुना होगी न्यूक्लियर पावर क्षमता, AI की बढ़ती मांग से बदला गेम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
IAEA Report: 2060 तक तीन गुना होगी न्यूक्लियर पावर क्षमता, AI की बढ़ती मांग से बदला गेम

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने 2060 तक ग्लोबल न्यूक्लियर पावर क्षमता को तीन गुना करने का अनुमान लगाया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स की बढ़ती बिजली जरूरतों के चलते इस सेक्टर में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

न्यूक्लियर एनर्जी पर क्यों बढ़ रहा है जोर?

IAEA के डायरेक्टर-जनरल राफेल ग्रॉसी ने साफ किया है कि दुनिया भर में AI टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर्स के लिए भारी मात्रा में बिजली की जरूरत है। इसी कारण न्यूक्लियर पावर के आउटलुक को अपग्रेड किया गया है। वर्तमान में दुनिया भर में 400 से ज्यादा रिएक्टर्स के जरिए कुल बिजली का करीब 10% हिस्सा पैदा किया जा रहा है। अब 60 से ज्यादा नए रिएक्टर्स पर काम चल रहा है, जो भविष्य के एनर्जी मिक्स में न्यूक्लियर को एक जरूरी हिस्सा बनाता है।

भारतीय निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

भारत के नेट-जीरो टारगेट्स को पूरा करने के लिए न्यूक्लियर पावर अहम है। हालांकि, भारत में यह सेक्टर मुख्य रूप से NPCIL जैसी सरकारी संस्थाओं के पास है, लेकिन L&T, BHEL और Walchandnagar Industries जैसी कंपनियां सप्लाई चेन और इंजीनियरिंग में बड़ा रोल निभा रही हैं। इन कंपनियों के लिए ग्लोबल लेवल पर न्यूक्लियर विस्तार एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।

सेक्टर के सामने चुनौतियां (Risks to Watch)

निवेशकों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • कैपिटल और टाइम: न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स में शुरुआती खर्च बहुत ज्यादा होता है और प्रोजेक्ट्स लंबे समय में पूरे होते हैं, जो बैलेंस शीट पर दबाव डाल सकते हैं।
  • भू-राजनीतिक जोखिम: यूक्रेन के ज़पोरिज्जिया (Zaporizhzhia) प्लांट जैसे मामलों से ऑपरेशनल रिस्क बढ़ते हैं।
  • रेगुलेटरी पेच: ईरान जैसे देशों के न्यूक्लियर प्रोग्राम से जुड़े अंतरराष्ट्रीय विवाद कंपनियों के लिए एक जटिल रेगुलेटरी माहौल तैयार करते हैं।

आगे क्या देखें?

अब नजरें 'स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स' (SMRs) पर हैं, जिन्हें पारंपरिक रिएक्टर्स के मुकाबले सस्ता और छोटा माना जा रहा है। निवेशकों को इन प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस और भारत की नई एनर्जी पॉलिसी में प्राइवेट सेक्टर की भूमिका पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.