भारत के पावर सेक्टर के लिए H1 FY27 शानदार रहा है। बिजली की मांग में **10%** से ज्यादा की बढ़ोतरी के चलते NTPC जैसी कंपनियों के मुनाफे में जोरदार तेजी देखी गई है, हालांकि कोयले की कमी और बदलता मौसम अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही (H1 FY27) पावर कंपनियों के लिए काफी व्यस्त रही है। लगातार बढ़ती भीषण गर्मी के कारण देश में बिजली की खपत में पिछले साल के मुकाबले 10% से अधिक का उछाल आया। मांग इतनी रही कि नेशनल ग्रिड पर लोड 269 GW से 271 GW के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया।
पावर कंपनियों का जलवा
प्रमुख यूटिलिटी कंपनियों को इस बढ़ती मांग का सीधा फायदा मिला है। NTPC का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट इस छमाही में 25.71% बढ़ गया। इसका बड़ा कारण थर्मल प्लांटों का बेहतर परफॉर्मेंस रहा, क्योंकि हाइड्रो पावर स्टेशनों में कम मानसून के चलते उत्पादन कम हुआ और थर्मल प्लांटों पर दबाव बढ़ गया।
IEX और अन्य कंपनियों का प्रदर्शन
शॉर्ट-टर्म पावर मार्केट में भी रेवेन्यू पर यूनिट में बड़ा सुधार हुआ है। Indian Energy Exchange (IEX) के मुताबिक, सितंबर तिमाही में डे-अहेड मार्केट में बिजली की कीमतों में 46% की वार्षिक बढ़ोतरी हुई। इस मौके का फायदा JSW Energy और Adani Power जैसी कंपनियों ने उठाया। वहीं, ACME Solar ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का इस्तेमाल कर अपने नेट प्रॉफिट में 133.5% का शानदार उछाल दर्ज किया है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
मुनाफे की इस चमक के बीच कुछ चुनौतियां भी हैं। थर्मल पावर प्लांटों में कोयले का स्टॉक फिलहाल सिर्फ 6 दिन का है, जो सुरक्षा के लिहाज से जरूरी 19 से 20 दिन के मुकाबले काफी कम है। अगर कोयले की सप्लाई में कोई भी बाधा आती है, तो यह कंपनियों के लिए बड़ी समस्या बन सकती है। इसके अलावा, मौसम की अनिश्चितता (El Nino) की वजह से बिजली की डिमांड का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है, जिससे कंपनियों को स्पॉट मार्केट से महंगी बिजली खरीदने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
