पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घोषणा की है कि कोलकाता में **28 से 31 जनवरी, 2027** तक 'इंडिया एनर्जी वीक' का आयोजन होगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और वैश्विक बाजार की अस्थिरता से घरेलू उपभोक्ताओं को बचाना है।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, यह आयोजन नीति निर्माताओं और इंडस्ट्री लीडर्स के लिए एक बड़ा मंच साबित होगा। यह न केवल नई टेक्नोलॉजी पर चर्चा का केंद्र बनेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाएगा।\n\n### ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में कदम\n\nभारत अभी भी अपनी क्रूड ऑयल जरूरतों का लगभग 87% आयात करता है। वैश्विक स्तर पर कीमतों में उतार-चढ़ाव से आम आदमी को बचाने के लिए सरकार रिफाइनिंग क्षमता को तेजी से बढ़ा रही है। साथ ही, अलग-अलग देशों से आयात के स्रोत बढ़ाकर सरकार सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट से निपटने की तैयारी कर रही है।\n\n### सरकार के प्रमुख प्रोग्राम\n\nदेश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई बड़े प्रोग्राम्स पर काम चल रहा है:\n\n* GOBARdhan: यह प्रोग्राम जैविक कचरे को बायो-एनर्जी में बदलने पर जोर देता है।\n* Samudra Manthan: इसके तहत कोस्टल और पोर्ट इलाकों में ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है।\n* पाइप्ड नेचुरल गैस: गैस नेटवर्क का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है, ताकि पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम की जा सके।\n\n### निवेशकों के लिए क्यों है अहम?\n\nइन्वेस्टर इस इवेंट पर कड़ी नजर रखते हैं क्योंकि यहां से सरकार के बड़े कैपिटल स्पेंडिंग प्लान और सरकारी व प्राइवेट कंपनियों के बीच संभावित पार्टनरशिप्स की जानकारी मिलती है। कोलकाता में आयोजन का फैसला पश्चिम बंगाल के औद्योगिक इतिहास और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का फायदा उठाने के लिए लिया गया है। यह कार्यक्रम उन निवेशकों के लिए भी संकेत देगा जो भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन और भविष्य के एनर्जी मिक्स को करीब से समझना चाहते हैं।
