नतीजों पर भारी पड़ीं चिंताएं
Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) के शेयर नतीजों के दिन ही गिर गए, भले ही कंपनी ने रिकॉर्ड मुनाफा कमाया हो। बाजार की यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि निवेशक मौजूदा तिमाही के शानदार आंकड़ों से ज्यादा कंपनी के सामने मौजूद चुनौतियों और आय की स्थिरता को लेकर चिंतित हैं।
रिकॉर्ड मुनाफे का कारण
HPCL ने मार्च 2026 तिमाही में ₹6,065.26 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (Consolidated Net Profit) घोषित किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 77% अधिक है। पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए मुनाफा 168% बढ़कर ₹18,046.89 करोड़ रहा। कंपनी के डायरेक्टर्स ने ₹19.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की भी सिफारिश की है। इस शानदार प्रदर्शन में कंपनी के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) का अहम योगदान रहा, जो बढ़कर $14.27 प्रति बैरल हो गया।
क्यों गिरे शेयर?
इन मजबूत नतीजों के बावजूद, HPCL के शेयर NSE पर 4% से अधिक गिरकर ₹375.25 के स्तर पर आ गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि विश्लेषकों का मानना है कि तिमाही मुनाफे में एक बड़ा हिस्सा 'इन्वेंटरी गेन' (Inventory Gain) का है, जो बाजार के लिए एक अस्थायी फैक्टर है। निवेशक इस पर अधिक ध्यान दे रहे हैं कि आय कितनी स्थायी है।
वैल्यूएशन और सेक्टर के जोखिम
HPCL का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) लगभग 5.35x है, जो इंडस्ट्री के औसत 17.30x और इसके साथियों Indian Oil Corporation (IOCL) (5.52x) व Bharat Petroleum Corporation (BPCL) (5.70x) की तुलना में काफी कम है। यह वैल्यूएशन (Valuation) के हिसाब से आकर्षक लग सकता है, लेकिन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के लिए सेक्टर में बड़े जोखिम मौजूद हैं। कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी (जो वेस्ट एशिया में तनाव के चलते अप्रैल 2026 की शुरुआत में $125 प्रति बैरल पार कर गई थी) ने इन शेयरों पर दबाव डाला था।
अंडर-रिकवरी का बोझ
इसके अलावा, सरकार की नीतियों के चलते खुदरा ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने के कारण OMC कंपनियां भारी 'अंडर-रिकवरी' (Under-recovery) का सामना कर रही हैं। अनुमान है कि यह कुल अंडर-रिकवरी ₹30,000 करोड़ प्रति माह हो सकती है। 31 मार्च 2026 तक HPCL को ही LPG अंडर-रिकवरी के तहत ₹12,798.67 करोड़ का नुकसान हुआ, जिसके लिए सरकारी मुआवजा भी पूरा नहीं मिला है।
ब्रोकरेज की राय
बाजार विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। Motilal Oswal ने ₹455 के टारगेट प्राइस के साथ 'Buy' की सलाह दी है, वहीं Antique Stock Broking ने ₹679 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग दोहराई है। हालांकि, कुछ अन्य ब्रोकरेज फर्म HPCL के वैल्यूएशन को 'महंगा' मान रही हैं और 'Hold' रेटिंग दे रही हैं।
भविष्य की योजनाएं और अनिश्चितताएं
HPCL अपनी नई परियोजनाओं, जैसे राजस्थान रिफाइनरी, पर काम कर रही है, जिनके FY27 में चालू होने की उम्मीद है। ये प्रोजेक्ट्स भविष्य में कंपनी की ग्रोथ को बढ़ावा देंगे। हालांकि, कच्चे तेल की ग्लोबल कीमतों और सरकारी मूल्य निर्धारण नीतियों में अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, जो कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।
