Hindustan Petroleum Corporation Ltd (HPCL) ने जून तिमाही में ₹11,526 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹4,901 करोड़ के प्रॉफिट के बिल्कुल उलट है। कंपनी को यह नुकसान फ्यूल की कमजोर मार्केटिंग मार्जिन के कारण हुआ है, भले ही तिमाही रेवेन्यू में 22.3% की बढ़त देखी गई।
Detailed Coverage
क्यों हुआ इतना बड़ा घाटा?
तेल कंपनी Hindustan Petroleum Corporation Ltd (HPCL) के लिए जून 2026 तिमाही के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे। कंपनी को ₹11,526.4 करोड़ का भारी नेट लॉस हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने ₹4,901.5 करोड़ का तगड़ा मुनाफा कमाया था। तेल की मार्केटिंग मार्जिन में आई भारी गिरावट, यानी कच्चे तेल को खरीदने और उसे ग्राहकों को बेचने की कीमत के बीच का अंतर कम होने की वजह से कंपनी को यह बड़ा झटका लगा है।
रेवेन्यू तो बढ़ा, पर प्रॉफिट क्यों घटा?
अगर कंपनी के टॉप-लाइन यानी रेवेन्यू की बात करें, तो इसमें अच्छी बढ़त देखने को मिली। ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले तिमाही के ₹1.15 लाख करोड़ से बढ़कर ₹1.41 लाख करोड़ हो गया, जो 22.3% की बढ़त है। लेकिन, कंपनी का EBITDA ₹8,979 करोड़ के प्रॉफिट से सीधा ₹16,141 करोड़ के लॉस में आ गया। इतनी दिक्कतों के बावजूद, HPCL की रिफाइनरियों ने अपना काम पूरी क्षमता से जारी रखा। विशाखापत्तनम और मुंबई रिफाइनरियों ने 106% और 108% की यूटिलाइजेशन रेट हासिल की, जबकि 6.52 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कच्चे तेल का प्रोसेसिंग हुआ।
रिफाइनिंग मार्जिन और ग्लोबल फैक्टर
एक तरफ जहां मार्केटिंग मार्जिन पर दबाव था, वहीं कंपनी की ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में सुधार हुआ। यह पिछले साल के $3.08 प्रति बैरल से बढ़कर इस तिमाही में $23.80 प्रति बैरल तक पहुंच गई। GRM कच्चे तेल को पेट्रोल, डीजल जैसे फिनिश्ड प्रोडक्ट में बदलने पर होने वाला मुनाफा है। हालांकि, यह बढ़त भी मार्केटिंग मार्जिन में आई कमी और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के असर को पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाई। पश्चिम एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनावों ने भी कंपनी के लिए मुश्किलें बढ़ाईं, जिससे फॉरेन एक्सचेंज में ₹15.21 करोड़ का लॉस हुआ।
इंफ्रास्ट्रक्चर में जारी है निवेश
HPCL अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए लगातार पैसा लगा रही है। जून तिमाही में कंपनी ने ₹1,734 करोड़ का कैपिटल स्पेंड किया, जिसका फोकस रिफाइनिंग और मार्केटिंग एसेट्स पर रहा। HPLNG Chhara टर्मिनल पर भी काम चल रहा है। 30 जून 2026 तक, कंपनी के पास 25,160 रिटेल आउटलेट और 6,300 से ज्यादा LPG डिस्ट्रिब्यूटर का विशाल नेटवर्क था। सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन का भी विस्तार हुआ है, जिसमें स्टील पाइपलाइन नेटवर्क 15,537 इंच-किलोमीटर तक पहुंच गया है।
भविष्य में निवेशकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि आने वाली तिमाहियों में मार्केटिंग मार्जिन में सुधार होता है या नहीं और कंपनी अपने विस्तार की योजनाओं को मौजूदा वित्तीय दबावों के साथ कैसे संतुलित करती है।
