Hindustan Petroleum Corp. Ltd. (HPCL) ने अपनी राजस्थान रिफाइनरी प्रोजेक्ट के **₹50,000 करोड़** के कर्ज को रीस्ट्रक्चर किया है। इससे ब्याज दरों में **105 बेसिस पॉइंट** की कमी आएगी, जिससे कंपनी को सालाना **₹1,000 करोड़** की सीधी बचत होने की उम्मीद है।
Hindustan Petroleum Corp. Ltd. (HPCL) ने अपने जॉइंट वेंचर, HPCL Rajasthan Refinery Ltd. (HRRL) की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इस रीस्ट्रक्चरिंग के जरिए ब्याज लागत में 1.05% (105 बेसिस पॉइंट) की बड़ी कटौती की गई है, जो अक्टूबर की शुरुआत से प्रभावी हो गई है।\n\n### बैंकों का मिला साथ\nयह कर्ज रीफाइनेंसिंग कई प्रमुख लेंडर्स के साथ मिलकर की गई है, जिसमें National Bank for Financing Infrastructure and Development, India Infrastructure Finance Company Ltd., ICICI Bank, UCO Bank और Punjab & Sind Bank शामिल हैं। इस कदम से प्रोजेक्ट का बैलेंस शीट अब पहले से कहीं ज्यादा बेहतर नजर आ रहा है।\n\n### सरकार से भी मिली मदद\nकर्ज राहत के अलावा, राजस्थान सरकार भी प्रोजेक्ट का समर्थन कर रही है। राज्य सरकार हर साल ₹1,100 करोड़ का ब्याज-मुक्त कर्ज (Interest-free loan) देने के लिए सहमत हुई है, जिससे रिफाइनरी के कैश फ्लो को मजबूती मिलेगी। साथ ही, HPCL ने अपने ₹4,300 करोड़ के सबऑर्डिनेटेड लोन को इक्विटी में बदल दिया है।\n\n### रिफाइनरी का कामकाज और भविष्य\nपचपदरा स्थित यह रिफाइनरी 22 जून से काम कर रही है और वर्तमान में यह अपनी कुल क्षमता के 60% पर चल रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि दिसंबर तक इसे 9 मिलियन टन सालाना की पूर्ण क्षमता तक पहुंचा दिया जाए।\n\nमैनेजमेंट का अनुमान है कि रिफाइनिंग मार्जिन में भी सुधार होगा। कंपनी हाई-सल्फर क्रूड ऑयल को प्रोसेस करने की तैयारी कर रही है, जिससे मार्जिन $20 प्रति बैरल के पार जाने की उम्मीद है, जबकि सितंबर तिमाही में यह आंकड़ा $12 प्रति बैरल था। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी साल के अंत तक रिफाइनरी को पूरी क्षमता पर चला पाएगी या नहीं।
