मुनाफे का रॉकेट, डिविडेंड का तोहफा!
HPCL ने 2026 के फाइनेंशियल ईयर की आखिरी तिमाही में अपने नतीजे पेश किए हैं। कंसॉलिडेटेड बेस पर कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹6,061 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹3,415 करोड़ था। वहीं, स्टैंडअलोन बेस पर भी कंपनी का मुनाफा 45% से ज्यादा बढ़कर ₹4,901.5 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹3,355 करोड़ था। कंपनी की कुल आय भी थोड़ी बढ़कर ₹1.24 लाख करोड़ रही। शेयरधारकों को खुश करते हुए, बोर्ड ने ₹19.25 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (dividend) देने की भी घोषणा की है।
नतीजों का शेयर पर असर
इन दमदार नतीजों का असर शेयर बाजार पर भी दिखा। HPCL के शेयर आज इंट्राडे में 3% से ज्यादा उछलकर ₹381.90 पर पहुंच गए, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 0.7% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।
कच्चे तेल की महंगाई का साया
हालांकि, कंपनी के नतीजे शानदार रहे, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव साफ दिख रहा है। मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी तनाव के चलते क्रूड ऑयल (crude oil) के दाम $114-$125 प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। इस वजह से HPCL और अन्य ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) के मार्जिन पर दबाव बन रहा है। दरअसल, ये कंपनियां पेट्रोल और डीज़ल जैसे फ्यूल को तय कीमतों पर बेचती हैं, इसलिए कच्चे तेल के दाम बढ़ने पर उनका मुनाफा कम हो जाता है।
वैल्यू स्टॉक या ग्रोथ स्टोरी?
फिलहाल HPCL का 12-महीने का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 5.14 से 5.30 के बीच है, जिससे लगता है कि निवेशक इसे एक वैल्यू स्टॉक (value stock) मान रहे हैं, न कि हाई-ग्रोथ कंपनी। कंपनी का मार्केट कैप (market cap) ₹78,600 करोड़ से ₹80,500 करोड़ के बीच है।
चिंताएं और आगे की राह
इस क्वार्टर के अच्छे नतीजे आने के बावजूद, HPCL का शेयर इस साल अब तक लगभग 24% गिर चुका है, जो निफ्टी 50 के 10% के फॉल से कहीं ज्यादा है। कई एनालिस्टों का मानना था कि कच्चे तेल की बढ़ती लागत और फिक्स्ड रिटेल फ्यूल प्राइसिंग के बीच बढ़ते गैप के कारण OMCs को मार्च 2026 क्वार्टर में कम मुनाफा या घाटा भी हो सकता था। कुछ रिपोर्ट्स ने तो HPCL के लिए ₹310 करोड़ के घाटे का अनुमान लगाया था। UBS के मुताबिक, इंडियन ऑयल कंपनियां कच्चे तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी के प्रति बहुत संवेदनशील हैं। ब्रोकरेज फर्म्स ने 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है, जिसमें प्राइस टारगेट ₹235 से ₹705 तक हैं। आगे चलकर कंपनी का प्रदर्शन कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और मार्जिन मैनेजमेंट पर निर्भर करेगा।
