Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) ने सितंबर 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। सरकारी फ्यूल प्राइस कैप के कारण कंपनी के मुनाफे में **6%** की गिरावट आई है और यह **₹3,625 करोड़** रहा है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में 5.5% की बढ़त दर्ज की गई, लेकिन सरकारी स्तर पर पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों पर लगे कैप ने मार्केटिंग मार्जिन को बुरी तरह प्रभावित किया। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, इसे ग्राहकों तक न पहुँचा पाने का सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर दिखा है। नतीजतन, नेट प्रॉफिट गिरकर ₹3,625 करोड़ पर आ गया है।
रिफाइनिंग सेगमेंट का दमदार प्रदर्शन
एक तरफ जहां मार्केटिंग में दबाव है, वहीं रिफाइनिंग डिवीजन ने शानदार काम किया है। कंपनी ने 100% कैपेसिटी यूटिलाइजेशन के साथ 6.20 मिलियन टन क्रूड प्रोसेस किया। इस फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) बढ़कर $27.89 प्रति बैरल रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में महज $5.95 प्रति बैरल था।
LPG का बोझ और निवेश
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती LPG सेल्स पर बढ़ता 'नेगेटिव बफर' है। 30 सितंबर 2026 तक यह आंकड़ा ₹18,048.82 करोड़ तक पहुँच गया है, जो कंपनी के कैश फ्लो और फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी पर सीधा असर डाल रहा है। हालांकि, मैनेजमेंट ने हार नहीं मानी है। 'प्रोजेक्ट समृद्धि 2.0' के जरिए कंपनी ने पहली छमाही में ₹327 करोड़ का EBITDA हासिल किया है। इसके अलावा, इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के लिए कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹2,085 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर किया है, जिससे कुल निवेश ₹3,819 करोड़ हो गया है।
