हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के तिमाही नतीजों ने निवेशकों को झटका दिया है। कंपनी ने **₹161.3 अरब** का बड़ा ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया है, जिसकी मुख्य वजह मार्केटिंग मार्जिन पर लगातार बना दबाव और LPG की लागत वसूलने में आई भारी कमी रही।
Detailed Coverage
क्यों हुआ इतना बड़ा नुकसान?
HPCL को इस तिमाही में ₹161.3 अरब का ऑपरेटिंग लॉस हुआ है, जो बाजार के अनुमान ₹117 अरब से कहीं ज़्यादा है। कंपनी के खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण मार्केटिंग मार्जिन में आई गिरावट है।'
रिफाइनिंग में मजबूती, पर मार्केटिंग में गहरा गोता
हालांकि, कंपनी के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। यह $23.8 प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो बाजार के अनुमानों से 33% ज़्यादा था (स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को छोड़कर)। लेकिन, रिफाइनिंग में हुई कमाई, मार्केटिंग सेगमेंट में हुए भारी नुकसान की भरपाई नहीं कर पाई। ग्रॉस मार्केटिंग मार्जिन -₹14.9 प्रति लीटर रहा, जो अनुमानित -₹9.4 प्रति लीटर से भी काफी खराब है।'
LPG की लागत ने बढ़ाई मुश्किलें
सबसे बड़ा झटका LPG की लागत वसूलने में हुई कमी (under-recoveries) से लगा। इस अवधि में यह ₹56 अरब तक पहुंच गया, जो पिछले तिमाही के ₹13.4 अरब के मुकाबले काफी ज़्यादा है। इसी वजह से, कंपनी को ₹115 अरब का आफ्टर-टैक्स लॉस हुआ, जबकि अनुमान ₹99 अरब का था।'
भविष्य की राह: किन बातों पर रहेगी नज़र?
इनগুলোর बावजूद, कुछ विश्लेषक लंबी अवधि के वैल्यूएशन पर भी नज़र रख रहे हैं। शेयर अभी FY28 के अनुमानित प्राइस-टू-बुक रेशियो (Price-to-Book Ratio) के 1.2 गुना पर ट्रेड कर रहा है। FY28 के लिए अनुमान है कि रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 17.3% और डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) करीब 5.5% रह सकती है।'
निवेशकों के लिए, आने वाले समय में मार्केटिंग मार्जिन का ट्रेंड और कंपनी की रिकवरी की रणनीति महत्वपूर्ण होगी। साथ ही, LPG की लागत में उतार-चढ़ाव और सरकारी नीतियों पर भी पैनी नज़र रखनी होगी।
