रिफाइनरी चालू, एनर्जी सिक्योरिटी को बूस्ट
यह नया कॉम्प्लेक्स पचपदरा, राजस्थान में 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) रिफाइनिंग क्षमता और 2.4 MMTPA पेट्रोकेमिकल क्षमता के साथ अब ऑपरेशनल हो गया है। राजस्थान सरकार के साथ एक जॉइंट वेंचर के तौर पर बनी यह फैसिलिटी, रिफाइनिंग को पेट्रोकेमिकल उत्पादन से जोड़ती है। यह भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करेगा, आयात पर निर्भरता घटाएगा और साथ ही क्षेत्रीय विकास व रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। अप्रैल 2026 तक, HPCL का स्टॉक लगभग ₹370.85 पर ट्रेड कर रहा था, जिसका मार्केट कैप करीब ₹79,000 करोड़ था। 31 एनालिस्ट्स ने इसमें 'न्यूट्रल' (Neutral) रेटिंग दी है, जिनमें से कई 'सेल' (Sell) रिकमेंडेशन पर हैं। 12 महीने का एवरेज प्राइस टारगेट ₹441.35 है।
वैल्यूएशन और सेक्टर ग्रोथ की तस्वीर
HPCL का मौजूदा TTM P/E रेश्यो करीब 5.16 है, जो 4.58-5.32 की रेंज में है। यह वैल्यूएशन बड़ी एनर्जी कंपनी Reliance Industries (जिसका P/E करीब 21.97 है) के मुकाबले काफी कम है। वहीं, इसके पब्लिक सेक्टर के कॉम्पिटीटर Indian Oil Corporation (IOCL) और Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) भी लगभग 5.51-6.01 और 5.22-6.22 के लो P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहे हैं। इसका मतलब है कि HPCL और उसके साथी पब्लिक सेक्टर के स्टॉक्स अभी वैल्यूएशन के मामले में आकर्षक लग रहे हैं, जबकि Reliance का हाई मल्टीपल उसके बड़े रिटेल और डिजिटल बिजनेस की वजह से है। इंडियन पेट्रोकेमिकल सेक्टर एक बड़ा ग्रोथ एरिया है, जिसके 6-7% सालाना बढ़ने की उम्मीद है। इसका बाजार 2027 तक USD 100 बिलियन और 2030 तक USD 383 बिलियन तक पहुंच सकता है।
लागत, कर्ज और बाजार का दबाव: चिंताएं भी
राजस्थान रिफाइनरी में ₹79,459 करोड़ का भारी निवेश, जो शुरुआती अनुमान से दोगुना बताया जा रहा है, कंपनी के फाइनेंशियल कर्ज और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन पर सवाल खड़े करता है। अप्रैल 2026 तक, HPCL का कुल कर्ज लगभग INR 705.58 बिलियन था, जबकि इक्विटी कैपिटल INR 568.89 बिलियन थी। नए प्रोजेक्ट के लिए बड़ा फाइनेंसिंग इस बैलेंस को और बिगाड़ सकता है। पिछले पांच सालों में कंपनी का सेल्स ग्रोथ 10.0% रहा है और पिछले तीन सालों में रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) लगभग 12.6% रहा है। ग्लोबल लेवल पर पेट्रोकेमिकल मार्केट में ओवरसप्लाई (oversupply) की स्थिति है, जो इस नई कॉम्प्लेक्स के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। यह सेक्टर क्रूड ऑयल के दामों में उतार-चढ़ाव के प्रति भी संवेदनशील है। इन चिंताओं के चलते एनालिस्ट्स HPCL के मौजूदा शेयर प्राइस पर वैल्यूएशन और ग्रोथ को लेकर सतर्क दिख रहे हैं।
आगे की राह: ग्रोथ की उम्मीदें या जोखिम?
राजस्थान रिफाइनरी के चालू होने से HPCL भारत की बढ़ती पेट्रोकेमिकल मांग का फायदा उठाने के लिए तैयार है। एनालिस्ट्स ने ₹441.35 का 12-महीने का प्राइस टारगेट दिया है, जो संभावित अपसाइड की ओर इशारा करता है। हालांकि, 'सेल' रेटिंग्स की बड़ी संख्या और 'न्यूट्रल' कंसेंसस यह दर्शाता है कि बाजार इन उम्मीदों को कंपनी पर आने वाले वित्तीय दबावों और सेक्टर के जोखिमों के साथ तौल रहा है।
